पुतिन की 15 साल में 10वीं भारत यात्रा, रूसी चैनल का इंडिया वर्जन करेंगे लॉन्च
दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्ट,जगह-जगह फ्लैक्स और वेलकम बोर्ड लगे

दिल्ली,एजेंसी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन आज भारत के राजकीय दौरे पर आ रहे हैं और दिल्ली में उनके शानदार स्वागत की पूरी तैयारी है. राजधानी में जगह-जगह फ्लैक्स और वेलकम बोर्ड लगे हैं. वहीं ट्रैफिक रूट भी डायवर्ट किया गया है. पुतिन का पिछला भारत दौरा 6 दिसंबर 2021 को हुआ था, ऐसे में रूसी राष्ट्रपति 4 साल बाद भारत आ रहे हैं.
भारत-रूस समिट में लेंगे हिस्सा
बता दें कि पुतिन 23वें भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे. यह समिट हर साल होने वाला इवेंट है, जिसकी मेजबानी बारी-बारी दोनों देश करते हैं. अपने 5 से 7 खास मंत्रियों और करीबियों के साथ भारत आ रहे पुतिन करीब 8 डील साइन कर सकते हैं. समिट के अलावा पुतिन-मोदी की द्विपक्षीय वार्ता भी होगी, जिसमें क्रूड ऑयल, S-400 मिसाइल सिस्टम डील और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बात होगी
ऐसे होंगी बैठकें और बातचीत
बता दें कि हैदराबाद हाउस में पहली बातचीत सीमित सदस्यों के बीच होगी, जिसमें शीर्ष नेता खुलकर चर्चा करेंगे. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत शुरू होगी. समिट, द्विपक्षीय वार्ता और बैठकों के बाद 5 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के साथ लंच के बाद दोनों जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट जारी करेंगे. दोनों देशों के कारोबारियों की बैठकें भी साथ-साथ चलेंगी. शुक्रवार देर रात पुतिन मॉस्को लौट जाएंगे.
23वें भारत-रूस समिट के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में स्टेट डिनर देंगी, तब रूस अपने सरकारी चैनल RT का नया इंडिया चैनल भी लॉन्च करेगा. राष्ट्रपति पुतिन पिछले 15 साल में 9 बार भारत आ चुके हैं और यह उनकी 10वीं भारत यात्रा है. अक्टूबर 2000 में पहले दौरे पर भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर हुए थे. दिसंबर 2002 में रक्षा और ऊर्जा सहयोग समझौते हुए थे. साल 2007 में वे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बने.
दिसंबर 2010 में शिखर सम्मेलन के दौरान कई रक्षा समझौते हुए. अक्टूबर 2012 में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ एनुअल मीटिंग की थी. दिसंबर 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में पहली यात्रा के दौरान परमाणु ऊर्जा और रक्षा सहयोग समझौता हुआ था. अक्टूबर 2016 में गोवा में ब्रिक्स समिट में आए थे.







