कलेक्ट्रेट में आयोजित विशेष जनसुनवाई में फूटा लोगों का गुस्सा, पीड़ितों ने खोली बिल्डर राज सिंघानिया की पोलः देखे वीडियों

कलेक्ट्रेट में आयोजित विशेष जनसुनवाई में फूटा लोगों का गुस्सा, पीड़ितों ने खोली बिल्डर राज सिंघानिया की पोलः देखे वीडियों
यशभारत समाचार, भोपाल। वर्षों की परेशानियों, अधूरे वादों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे राजधानी की कॉलोनियों के रहवासियों की आवाज आखिरकार जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में गुरुवार को पहली बार सिर्फ कॉलोनियों की समस्याओं और बिल्डर्स की मनमानी को लेकर विशेष जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और आरोप लगाया कि बिल्डर्स ने प्लॉट और मकान बेचते समय सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन मोटी रकम लेने के बाद अधिकांश कॉलोनियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।
इस विशेष जनसुनवाई में नगर निगम वार्ड नंबर 03 के अंतर्गत आने वाली श्याम हाईलाईट सिटी (जमुनिया छीर, वायु रेस्टोरेंट के पीछे) के रहवासी भारी आक्रोश के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। कॉलोनी के फरियादी गजेंद्र सेन, बसंत फरकले सहित अन्य नागरिकों ने कलेक्टर के नाम लिखित शिकायती पत्र सौंपकर प्रॉपर्टी डीलर व बिल्डर राजेश सेन उर्फ राज सिंघानिया के खिलाफ मोर्चा खोला। फरियादियों ने बताया कि उक्त कॉलोनी में 50 से अधिक मकानों का निर्माण हो चुका है और कई परिवार वहां रह रहे हैं, लेकिन आज भी वहां स्थाई बिजली कनेक्शन, पानी, सड़क और सीवेज लाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। प्लॉट बेचते समय बिल्डर ने स्वयं के खर्च पर ये सब उपलब्ध कराने का लिखित वादा किया था।
फरियादी गजेंद्र सेन और बसंत फरकले ने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बिल्डर राज सिंघानिया श्याम हाईलाईट सिटी के संपूर्ण प्लॉटों को बेचकर पूरी रकम समेट चुका है। अब वह कोलूखेड़ी में इंदौर बायपास रोड पर मोटेल रेस्टोरेंट के पास एक दूसरी नई कॉलोनी काट रहा है। यही कारण है कि वह पुरानी कॉलोनी के पीड़ितों से मिलता तक नहीं है और महीनों से लोग बिजली-पानी के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। शिकायत पत्र मिलते ही प्रशासन ने इसे ‘कॉलोनी सेल’ को मार्क कर दिया है।
सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक कलेक्ट्रेट में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा स्वयं मौजूद रहे। उनके साथ सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे, ताकि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। जनसुनवाई में पहले ही दिन 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश शिकायतें बिल्डर्स द्वारा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने और धोखाधड़ी से जुड़ी थीं।
मामले में एडीएम सुमित कुमार पांडे ने बताया कि यह जनसुनवाई विशेष रूप से कॉलोनियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित की गई थी। श्याम हाईलाईट सिटी सहित जितने भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन सभी शिकायतों की विस्तार से जांच की जाएगी। जहां भी बिल्डर्स की लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या धोखाधड़ी सामने आएगी, वहां नियमानुसार एफआईआर सहित सख्त वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और नगर निगम की इस संयुक्त सख्ती से अब भोपाल के उन हजारों परिवारों में उम्मीद जागी है, जिन्हें जीवनभर की पूंजी लगाने के बाद भी बिल्डरों ने ठगा है।








