निजी स्कूल ने बच्चों को ट्रैफिक जागरूकता के लिए सिखाया रोड सेफ्टी का महत्व
छोटे-छोटे नोनीहाल बच्चों को ट्रैफिक व्यवस्था से कर रहे हैं जागरूक

निजी स्कूल ने बच्चों को ट्रैफिक जागरूकता के लिए सिखाया रोड सेफ्टी का महत्व
छोटे-छोटे नोनीहाल बच्चों को ट्रैफिक व्यवस्था से कर रहे हैं जागरूक
जबलपुर, यश भारत। जबलपुर के एक निजी स्कूल ने ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर एक अनूठी पहल की है। छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से स्कूल ने एक विशेष इवेंट का आयोजन किया। इस दौरान बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क पर सुरक्षा के उपाय और यातायात नियमों का महत्व समझाया गया।
रोड सेफ्टी इवेंट में बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम में बच्चों ने रोल प्ले के माध्यम से सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को समझा। स्कूल की शिक्षिका ने बताया, बच्चों को छोटी उम्र से ही ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना जरूरी है। अगर वे अभी से यातायात के नियमों को समझेंगे, तो बड़े होकर उन्हें पालन करना आसान होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
पुलिस का सहयोग और संदेश
इवेंट में शहर की ट्रैफिक पुलिस ने भी हिस्सा लिया। तीन पट्टी यातायात मार्ग पुलिस के संतोष सिंह परिहार ने बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा, रेड लाइट का मतलब रुकना है, जबकि ग्रीन लाइट पर ही आगे बढ़ना चाहिए। रेड लाइट जंप करने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं। यातायात के नियमों को अपनाकर हम न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की भी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
बच्चों के लिए जागरूकता जरूरी
स्कूल प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा का यह पाठ बच्चों के जीवन में गहराई से प्रभाव डालेगा। बच्चों ने ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और हेलमेट पहनने जैसी बातों को ध्यानपूर्वक सीखा। कार्यक्रम के अंत में ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन ने सभी बच्चों को सड़क सुरक्षा के महत्व को अपनाने और अपने परिवार व दोस्तों को भी इसे समझाने का संदेश दिया।







