बिल्डर से 10 करोड़ की फिरोती मांगने वाले आरोपी को प्रोटेक्शन वारंट पर भोपाल लाएगी पुलिस -आरोपी के पकड़े जाने के बाद कमला नगर थाना से केस डायरी कोलार थाना पहुंची

बिल्डर से 10 करोड़ की फिरोती मांगने वाले आरोपी को प्रोटेक्शन वारंट पर भोपाल लाएगी पुलिस
-आरोपी के पकड़े जाने के बाद कमला नगर थाना से केस डायरी कोलार थाना पहुंची
भोपाल यशभारत।
राजधानी के एक बिल्डर को भाई की सगाई के नाम पर अगवा कर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले में फरार आरोपी को खरगौन पुलिस ने पाइप चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। अब भोपाल पुलिस आरोपी को अपहरण व फिरौती के मामले में पूछताछ करने व उसके साथी व फरार आरोपी ट्रैफिक आरक्षक के बारे में पूछताछ के लिए खरगौन जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। इस मामले की जांच कमला नगर थाना प्रभारी को सौंपी गई थी, लेकिन जैसे ही आरोपी खरगौन पुलिस के हाथ लगा। कोलार थाना पुलिस को केस डायरी वापस पहुंचा दी गई। अब आगे की जांच कोलार थाना पुलिस करेगी।
जानकारी के मुताबिक इलाके में रहने वाले बिल्डर नीतेश ठाकुर 20 अक्टूबर को अपने दोस्त पंकज परिहार व अन्य के साथ बैंकाक घुमने गए थे। वहां से 27 अक्टूबर को लौटते समय वे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे और सडक़ मार्ग से भोपाल आ रहे थे। तभी रास्ते में मुरैना के पास उनके दोस्त पंकज परिहार ने अपने भांजे अंकित परिहार की सगाई में ग्वालियर ले जाने के बहाने अपने साथियों के साथ मिलकर नीतेश ठाकुर को अगवा कर लिया था। इसके बाद नीतेश को मोबाइल बंद हो गया था। उससे संपर्क नहीं हुआ तो ट्रैफिक आरक्षक हेमंत चौहान के फोन से संपर्क हुआ। तब नीतेश के अपहरण की बात पता चली। आरोपी संजय राजावत ने पीडि़त की पत्नी ऋचा गौर ठाकुर को कॉल करके 30 लाख रुपए का इतजाम करने बोला। यह रकम लेकर वह 28 अक्टूबर को वह सर्वधर्म स्थित ज्वेलर्स दुकान के नजदीक पहुँची। उसके साथ कंपनी में काम करने वाला अतुल वघेल भी था। पीडिता ने रकम देते हुए बहन जूही की मदद से वीडियो भी बना लिया था। आरोपी आकाश राजावत कर एमपी04-सीएल-8590 से आया था। अगले दिन नीतेश ठाकुर घर लौट आया। तभी से आरोपी उन्हें पुलिस से शिकायत करने पर धमका रहे थे।
दस करोड़ की फिरौती मांगी-
आरोपियों ने नीतेश ठाकुर के परिवार के लोगों से 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। बाद में करीब 30 लाख रुपए लेकर उसे छोड़ दिया गया था साथ ही बाकी की राशि जल्द ही देने के लिए धमकी भी दी गई थी। कोलार पुलिस को इस प्रकरण में आरोपी पकंज परिहार की तलाश थी। पिछले दिनों पंकज को खरगौन पुलिस ने पाइप चोरी के मामले में गिरतार किया है। कोलार उसे प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाएगी तथा अपहरण कांड के बारे में पूछताछ करेगी।
आरोपी आरक्षक भी फरार-
इस पूरे मामले में कोलार थाना पुलिस ने संजय राजावत उसके भाई आकाश राजावत, पंकज सिंह परिहार, ओम राजावत उर्फ अन्नू और ट्रैफिक पुलिस आरक्षक हेमंत चौहान उर्फ हनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन आरक्षक हेमंत चौहान अब तक पुलिस के हाथ नहीं आया है। इससे पहले आरोपी आरक्षक हेमंत चौहान को सस्पेंड कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया था। बाद में गुपचुप तरीके से उसे बहाल कर दिया गया था। मामला उजागर होने पर 1 जनवरी 2025 को उसे दोबारा निलंबर खत्म कर बहाल कर दिया गया था।







