
जनवरी के आखिरी दिनों में कर लें गेंदे के पौधे की ये 3 देखभाल, फरवरी में फूलों से लद जाएगा गार्डन
अगर आपके गार्डन में लगा गेंदा अब कम फूल दे रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के बचे हुए दिनों में की गई थोड़ी-सी सही देखभाल फरवरी में चमत्कारी नतीजे दे सकती है। सही समय पर मिट्टी की गुड़ाई, छंटाई और पिंचिंग करने से गेंदे का पौधा फिर से ढेर सारे फूलों से भर जाता है।
क्यों जरूरी है जनवरी में गेंदे की देखभाल
सर्दियों में गेंदे का पौधा धीमी गति से बढ़ता है, लेकिन जनवरी के दौरान उसकी जड़ें मजबूत होती हैं। यही समय पौधे को फरवरी की फूलों वाली ग्रोथ के लिए तैयार करता है। अगर इस दौरान देखभाल में लापरवाही की जाए, तो कलियां कमजोर हो जाती हैं और फूल छोटे रह जाते हैं।

1. मिट्टी की गुड़ाई और सही खाद
जनवरी के अंत में पौधे के चारों ओर 2–3 इंच गहराई तक हल्की गुड़ाई करें। इससे जड़ों तक हवा पहुंचती है और पोषण अच्छे से मिलता है।
खाद के लिए केले के छिलकों को सुखाकर पीस लें और मिट्टी में मिला दें। इसमें मौजूद पोटैशियम फूलों के आकार और संख्या दोनों को बढ़ाता है। चाहें तो थोड़ी मात्रा में वर्मीकम्पोस्ट या सड़ी गोबर की खाद भी डाल सकते हैं।
2. सूखे फूल और टहनियों की छंटाई
पौधे पर लगे सूखे फूल और मुरझाई टहनियां उसकी ऊर्जा खींच लेती हैं। इन्हें हटाना बेहद जरूरी है।
छंटाई करने से:
नई कलियां जल्दी निकलती हैं
पौधा घना बनता है
फूलों की संख्या बढ़ती है
पौधा लंबे समय तक फूल देता है
3. पिंचिंग और धूप का सही तालमेल
अगर गेंदा लंबा तो हो रहा है लेकिन फूल कम आ रहे हैं, तो पिंचिंग करें। ऊपर की कोमल टहनी को हल्के से तोड़ देने पर साइड से नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा झाड़ीदार बनता है।
साथ ही ध्यान रखें कि गेंदे को रोजाना 5–6 घंटे की सीधी धूप मिले। फरवरी की हल्की धूप गेंदे के लिए बेहद फायदेमंद होती है।
फरवरी में क्यों खिलते हैं सबसे ज्यादा फूल
फरवरी का मौसम गेंदे के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। न ज्यादा ठंड और न ज्यादा गर्मी, साथ ही सही नमी और धूप मिलने से पौधा पूरी ताकत से फूल देता है। यही वजह है कि शादी-ब्याह और पूजा के मौसम में गेंदे के फूलों की मांग सबसे ज्यादा होती है।







