मप्र के पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा साइबर प्रशिक्षण

मप्र के पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा साइबर प्रशिक्षण
– कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में शुरू हुई तीन दिवसीय कार्यशाला
भोपाल यशभारत। मध्यप्रदेश में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्यस्तरीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित हुई। यह आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण इसलिए भी रहा क्यों कि क्योंकि पहली बार पंचायत अधिकारियों कर्मचारियों को साइबर अपराधों से निपटने प्रदेश सरकार साइबर एक्सपर्ट से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आत्मनिर्भर पंचायत एवं समद्ध मध्यप्रदेश की संकल्प को साकार करने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होने जा रही इस तीन दिवसीय कार्यशाला में करीब 600 से अधिक जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत के सरपंच एवं राज्यस्तरीय पदाधिकारी सम्मिलित हुए। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान मंत्री पटेल पंचायत विभाग की विभिन्न महत्त्वपूर्ण बैठकों, प्रशिक्षण सत्रों एवं कार्यक्रमों की समीक्षा भी की। कार्यशाला का समापन २६ नवंबर को होगा।
पंचायत प्रतिनिधियों और राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की कार्यशाला में राज्य सरकारों के अधिकारियों ने विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार पर चर्चा की। जिसमें अधिकारियों की ग्राम सभाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने और पंचायती राज से संबंधित 29 विषयों पर कार्य करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, सहभागी ग्राम विकास नियोजन प्रक्रिया और ग्राम पंचायत विकास योजना के संबंध में एक प्रशिक्षण मैनुअल और लघु फिल्म का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था जल संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य करती है, जिनमें वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए संरचनाएं बनाना है। जल स्रोतों (जैसे तालाब और कुओं) का रखरखाव और गहरीकरण करना, और नल और पाइपलाइनों की मरम्मत करना शामिल है। पंचायतें ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करने, पानी की गुणवत्ता की जांच करने और जल के समान वितरण को सुनिश्चित करने में भी भूमिका निभाती हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कार दिया गया।







