संसद में ओवैसी ने लगाया बाबरी जिंदाबाद का नारा, भाषण में बोले- भगवान राम का सम्मान करता हूं

नई दिल्ली, यशभारत। संसद में राममंदिर प्राणप्रतिष्ठा के मुद्दे पर चल रही चर्चा के दौरान ऑल इंडिया मजलिसे इत्तिहादुल मुसलमीन यानि एआईएमआईएम के नेता असदउद्दीन ओवैसी ने भी अपना वक्तव्य दिया। ओवैसी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या केंद्र सरकार किसी विशेष समुदाय, धर्म की सरकार है या पूरे देश की सरकार है।
बाबरी जिंदाबाद का नारा लगाया
इतना ही नहीं ओवैसी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि मैं आज भी कहता हूं कि मस्जिदे बाबरी थी, बाबरी है और बाबरी कयामत तक रहेगी। इसके बाद उन्होंने बाबरी जिंदाबाद का नारा भी लगाया।
नाथूराम गोडसे का भी किया जिक्र
अपने वक्तव्य में ओवैसी बोले कि क्या मैं बाबर, जिन्ना या औरंगजेब का प्रवक्ता हूं। ओवैसी ने कहा कि मैं भगवान राम का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं नाथूराम गोडसे से नफरत करता हूं। उसने उस व्यक्ति की हत्या की थी जिसके अंतिम शब्द ’हे राम’ थे। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 के बाद देश में फसाद हुआ था। नौजवानों को जेल में डाला गया। वो बूढ़े होकर बाहर निकले। 16 दिसंबर 1992 को लोकसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें बाबरी विध्वंस की अलोचना की गई थी।







