कुख्यात बदमाश राजू ईरानी 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर

कुख्यात बदमाश राजू ईरानी 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर
भोपाल, यशभारत। राजधानी की निशातपुरा पुलिस वर्ष 2017 से फरार चल रहे शहर के कुख्यात बदमाश रहमान डकैत उर्फ राजू ईरानी को पुलिस रविवार को प्रोडक्शन वारंट पर सूरत से भोपाल लेकर पहुंची। शाम को आरोपी को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है। पुलिस अब राजू के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और फरारी के दौरान उसे पनाह देने वालों की कुंडली खंगाल रही है।
कॉरपोरेट स्टाइल में चलाता था गैंग राजू ईरानी केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि ‘ईरानी डेरे’ के संगठित अपराध का सरगना माना जाता है। वह अपनी गैंग को किसी कंपनी की तरह चलाता था। यदि गिरोह का कोई सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ता, तो उसकी जमानत, वकील का खर्च और परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी राजू खुद उठाता था। इसके बदले में हर वारदात की कमाई का एक बड़ा हिस्सा उसके पास जमा होता था।
ईरान में काटी फरारी, सूरत में बदला ठिकाना पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फरारी के दौरान राजू सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि ईरान में भी छिपा रहा। वहां से उसके कुछ वीडियो भी वायरल हुए थे। हाल ही में वह सूरत में अपने साढ़ू के घर पहचान छिपाकर रह रहा था, जहां शनिवार को सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में पुलिस को कर रहा गुमराह रिमांड के दौरान राजू ईरानी पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताने की कोशिश कर रहा है। उसने दावा किया कि वह अब अपराध छोड़ चुका है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसने किसी भी डेरे का सरदार होने से भी साफ इनकार किया है। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसके खिलाफ भोपाल समेत यूपी, मुंबई और कोलकाता में लूट, ठगी और हत्या के प्रयास के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में होगी पूछताछ
निशातपुरा थाना: हत्या के प्रयास, आगजनी और मारपीट के चार प्रमुख मामले।
अन्य शहर: मुंबई और बहराइच (यूपी) में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने के केस।
नेटवर्क: फरारी के दौरान किन-किन सफेदपोशों ने उसकी आर्थिक मदद की।






