सीमा नहीं, अब सिर्फ गिरफ्तारी जरूरी, जिलेभर में फरार इनामी बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस कप्तान ने लागू की ‘नो बाउंड्री’ पॉलिसी


जबलपुर । जिले में फरार इनामी बदमाशों की धरपकड़ अब सीमित थानों की जिम्मेदारी नहीं रह जाएगी। पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय ने अपराध नियंत्रण के लिए एक नई रणनीति लागू की है, जिसके तहत अब किसी भी थाने की पुलिस किसी भी थाना क्षेत्र के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर सकेगी। साथ ही, गिरफ्तारी करने वाले स्टाफ को ही इनामी राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
यह कदम आपसी समन्वय को सशक्त बनाते हुए अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक निर्णायक और ठोस पहल मानी जा रही है।
📌 थाना क्षेत्र नहीं, अब गिरफ्तारी को मिलेगी प्राथमिकता
अभी तक यह देखा गया था कि यदि कोई आरोपी दूसरे थाना क्षेत्र का होता था, तो संबंधित थाना ही उसकी तलाश करता था। बाकी थाने निष्क्रिय बने रहते थे। अब इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। जिस थाने की टीम आरोपी को गिरफ्तार करेगी, उसी को इनाम मिलेगा, चाहे आरोपी कहीं का भी हो।
🔎 अभियान की निगरानी स्वयं एसपी करेंगे
एसपी उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठकें नियमित रूप से होंगी, और हर थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में सक्रिय इनामी अपराधियों की निगरानी और गिरफ्तारी के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा – “अब कोई भी थाना यह नहीं कह सकेगा कि आरोपी उसका नहीं है, अपराधी पूरे जिले का होता है और उसकी गिरफ्तारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
🚫 इनामी अपराधियों पर अब नहीं रहेगी ढिलाई की गुंजाइश
यह नई कार्य योजना पुलिस की गंभीरता और सजगता को दर्शाती है। प्रशासनिक स्तर पर संदेश स्पष्ट है – “अब न तो अपराधी को शरण मिलेगी, न थानों को शिथिलता की छूट।”
📉 इनामी अपराधियों की स्थिति: आंकड़ों में जिले की तस्वीर
एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार जिले के 36 थानों में कुल 172 इनामी अपराधी फरार हैं, जिन पर ₹5,000 या उससे अधिक का इनाम घोषित है। इनमें से थाना ओमती सबसे आगे है।
थाना क्षेत्र फरार इनामी आरोपी
ओमती 24
पनागर 20
पाटन 17
मझोली 15
बरेला 14
भेड़ाघाट 12
मझगवां 10
कुण्डम 8
बरगी 8
🗨️ “हर अपराधी पर पैनी नजर, हर थाना अब एक्शन मोड में” – एसपी संपत उपाध्याय
“जिले में इनामी बदमाशों की धरपकड़ अब सिर्फ औपचारिकता नहीं रहेगी। हर थाना अब पूरे जिले के संदर्भ में काम करेगा। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और टीम को सम्मानित किया जाएगा।”
– श्री संपत उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक, जबलपुर







