सरयू की तर्ज पर विकसित होंगे नर्मदा के घाट
माँ नर्मदा की सेवा और आस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प

जबलपुर,यश भारत। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया है कि जबलपुर के नर्मदा घाटों का विकास सरयू की तर्ज पर किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। राकेश सिंह ने कहा कि गौरीघाट सहित खारी घाट, दरोगा घाट, ग्वारीघाट, उमा घाट, सिद्ध घाट और जिलहरी घाट को पहले चरण में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि खारी घाट पर जलकुंड, चेंजिंग रूम, तीर्थ पुरोहितों के लिए स्थान और मुंडन स्थल बनाया जाएगा। दरोगा घाट की दीवारों पर माँ नर्मदा की गाथा को दर्शाते भित्ति चित्र होंगे और संध्या आरती के लिए पाँच मंच तैयार होंगे। गौरीघाट पर 800 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा जल चैनल बनेगा, जो मुख्य धारा को प्रदूषण-मुक्त रखते हुए पूजन और स्नान की सुविधाएं प्रदान करेगा। चैनल के दो हिस्सों में से एक पुष्प अर्पण और दीपदान के लिए, दूसरा स्नान हेतु होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पाँच स्थानों पर सुव्यवस्थित पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें करीब 900 दोपहिया और 700 चारपहिया वाहनों की जगह होगी। गौरीघाट तक का मार्ग पैदल पथ में बदलकर सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जाएगा। घाटों पर वाच टावर, संयुक्त कंट्रोल रूम, रैम्प और एंटी स्किड पत्थरों की व्यवस्था की जाएगी।
घाटों पर सौर ऊर्जा आधारित एलईडी लाइटों, अंडरग्राउंड ड्रेनेज और सफाई के उन्नत साधनों की व्यवस्था की जाएगी। ई-कार्ट की सुविधा वृद्ध और दिव्यांगों को मिलेगी। राकेश सिंह ने इसे माँ नर्मदा की सेवा और आस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प बताया।







