जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

नागपुर की महिला का बिना बहोशी, चीरा और सर्जरी के बिना स्तन की गांठ का ऑपरेशन

भोपाल के युवक की गले की गांठ निकाली गई, मेडिकल अस्पताल में डॉक्टरों की सफलता

 

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जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में एक बार फिर बगैर सर्जरी के दो मरीजों की गांठ का आपरेशन किया गया है। इसमें खास बात ये है कि नागपुर की एक 40 वर्षीय महिला स्तन में गांठ हो जाने पर इलाज के लिए खुद के शहर से अन्य शहरों में भटक रही थी परंतु हर जगह से गांठ निकालने के लिए लंबा खर्चा बताया जा रहा था। महिला ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर संजय यादव से संपर्क किया जिसके बाद महिला का सफल ऑपरेशन किया गया। इसी तरह भोपाल का एक युवक गले में गांठ होने से परेशान था उसने इलाज के लिए भोपाल के कई अस्पतालों संपर्क किया परंतु उसका इलाज नहीं हो पाया। इसके बाद वह अपने परिचितों के साथ जबलपुर पहुंचा और मेडिकल अस्पताल में डॉक्टरों से संपर्क किया जिसके बाद युवक के गले से गांठ का सफल ऑपरेशन किया गया।
इस संबंध में स्तन थायरॉइड एवं एंडोक्राइन कैंसर विशेषज्ञ डा संजय कुमार यादव ने बताया कि भोपाल निवासी युवक को गले में काफी समय से गांठ थी वह समझ नहीं पा रहा था कि उसे बीमारी क्या हुई उसको खाने-पीने में काफी परेशानी हो रही थी। भोपाल के अस्पतालों में उसने इलाज कराया तो उसे थायराइड की शिकायत निकली। युवक ने इलाज कराने के लिए भोपाल के कई अस्पतालों में संपर्क किया परंतु वहां इसके ऑपरेशन के लिए लंबा खर्चा बताया गया। इसी तरह नागपुर में रहने वाली महिला को स्तन पर गठान हो गई थी जिससे महिला को काफी दर्द होता है। महिला ने नागपुर में इसका इलाज कराना चाहा परंतु उसके हिसाब नागपुर में इसका इलाज कराना संभव नहीं था।

मेडिकल अस्पताल के इलाज पर पूरा भरोसा
हमेशा मेडिकल अस्पताल के इलाज पर ऊंगली उठाई जाती थी परंतु कुछ समय से देखा जा रहा है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज बड़ी आसानी से किया जा रहा है। नागपुर की महिला और भोपाल के युवक ने गांठ के सफल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों से कहा कि मेडिकल जबलपुर के इलाज पूरा भरोसा था और यही कारण था कि बगैर सोचे ऑपरेशन कराया गया सबसे खास बात ये थी कि जिस ऑपरेशन को बड़ा मान रहे थे उसे जबलपुर के डॉक्टरों ने बगैर बहेाशी और बगैर सर्जरी के कर दिया।
ऐसे किया गया ऑपरेशन
स्तन थायरॉइड एवं एंडोक्राइन कैंसर विशेषज्ञ डा संजय कुमार यादव ने बताया कि माइक्रोवेव एबलेशन में एक छोटी सुई द्वारा गठान में माइक्रोवेव डिलीवर करते हैं, इससे गठान धीरे धीरे सुख जाती है। यह तकनीक कम जगहों पर उपलब्ध है। जबलपुर में नियमित रूप से इस तकनीक द्वारा इलाज किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में न तो बेहोशी की जरूरत होती है और न ही सर्जरी की।

 

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