एमपी विधानसभा में ‘चूहा-कफ सिरप’ कांड पर हंगामा, स्पीकर ने रोका; 52 करोड़ के गबन और ‘पूतना सरकार’ के आरोपों से गरमाया सत्र

एमपी विधानसभा में ‘चूहा-कफ सिरप’ कांड पर हंगामा, स्पीकर ने रोका; 52 करोड़ के गबन और ‘पूतना सरकार’ के आरोपों से गरमाया सत्र
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। पहले दिन शोक प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड और इंदौर चूहा कांड का मामला उठाए जाने पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। वहीं, विपक्ष ने एसआईआर में फर्जीवाड़े, खरीफ खरीदी में 52 करोड़ के गबन और विधायकों के प्रश्न बदले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
शोक प्रस्ताव पर सियासी तकरार
विधानसभा ने पहले दिन शहीद हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, दिल्ली आतंकी हमले के पीड़ितों समेत 14 दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। हालांकि, शोक प्रस्ताव के दौरान ही तीखी बहस छिड़ गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने श्रद्धांजलि देते वक्त छिंदवाड़ा कफ सिरप से बच्चों की मौत और एमवाय अस्पताल में बच्चों को चूहों द्वारा खा लेने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि दिवाली के समय घरों के चिराग बुझ गए, यह इंसानियत पर प्रश्नचिह्न है।
मंत्री विश्वास सारंग ने इस पर तत्काल आपत्ति जताई और कहा कि “ये कोई प्रश्नकाल नहीं है।” सारंग ने नेता प्रतिपक्ष की गरिमा पर ध्यान रखने की बात कही। वही संसदीय कार्य मंत्री विजयवर्गीय ने कफ सिरप और चूहा कांड के मामले को सदन की कार्रवाई से विलोपित करने की मांग की। इस दौरान स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शोक प्रस्ताव का समय श्रद्धा सुमन अर्पित करने तक सीमित रहना चाहिए और भविष्य में इसका ध्यान रखने को कहा।
खरीदी में 52 करोड़ के गबन का मुद्दा
खरीफ फसलों की खरीदी में गड़बड़ी को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर रही।
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि 21717 क्विंटल खरीदी में घोटाला हुआ है और 52 करोड़ रुपए के गबन का मुद्दा उठाया। वही सरकार ने अपने जवाब में माना कि महिला स्व सहायता समूह को किसानों के पंजीयन का प्रावधान नहीं था, फिर भी उन्हें 22 स्लॉट दिए गए थे। सरकार ने 17 समूह को अपात्र करने और शॉर्टेज/गबन के मामलों में जांच जारी होने की जानकारी दी।
विपक्ष के तीखे आरोप
विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए:
’पूतना सरकार’ का आरोप: जोबट विधायक सेना पटेल ने मोहन यादव सरकार को “पूतना बनकर आई” सरकार बताया, जिसने बच्चों को सिरप के रूप में जहर दिया।
प्रश्न बदलने का आरोप: उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि उनके खुद के दो प्रश्न बदल दिए गए हैं और प्रश्न की मूल भावना ही बदल दी गई। उन्होंने इसे विशेषाधिकार हनन का मामला बताया, जहां सचिवालय विभागों से मिलकर प्रश्न बदल रहा है।
किसान विरोधी सरकार: कांग्रेस विधायक महेश परमार ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी करार दिया और धार के खलघाट में चल रहे किसानों के बड़े आंदोलन का जिक्र किया।
पेड़ कटाई पर निशाना: अजय सिंह ने सिंगरौली में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
कफ सिरप पर कार्रवाई: बीजेपी विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि छिंदवाड़ा मामले में मुख्यमंत्री ने एक्शन लिया है, कफ सिरप बनाने वाले जेल में हैं और उन्हें सजा भी होगी।
खाद की लाइन में मौत: कृषि मंत्री एदल कंसाना ने खाद की लाइन में लगी महिला की मौत के सवाल पर कहा कि वह बीमारी से मरी है, न कि लाइन से।
आईएएस के बयान पर भार्गव: गोपाल भार्गव ने ब्राह्मण बेटियों पर आईएएस संतोष वर्मा के बयान को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री ने जानकारी मांगी है और उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।
कांग्रेस का प्रदर्शन: सत्र के बाहर छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बच्चों के पुतले और पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया।







