मोहन कैबिनेट: प्रदेश में लागू होगा ‘सोशल इम्पैक्ट बांड’, 12 जिलों को मिलेंगे 50 बिस्तर के आयुर्वेद अस्पताल

मोहन कैबिनेट: प्रदेश में लागू होगा ‘सोशल इम्पैक्ट बांड’, 12 जिलों को मिलेंगे 50 बिस्तर के आयुर्वेद अस्पताल
भोपाल,यशभारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सामाजिक और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने सबसे अहम फैसला लेते हुए वित्त विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में सोशल इम्पैक्ट बांड योजना लागू करने की तैयारी को हरी झंडी दे दी है। यह योजना विभिन्न विभागों के सामाजिक उद्देश्यों को फंडिंग देने का एक नया और अभिनव तरीका होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात
कैबिनेट ने प्रदेश की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देते हुए 12 जिलों में 50 बिस्तर वाले आयुर्वेद चिकित्सालयों की स्थापना और संचालन को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, आदिवासी बहुल बड़वानी जिले में 30 बिस्तर का एक आयुष चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। इन नए अस्पतालों के लिए जरूरी प्रशासकीय अधोसंरचना और नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।
सामाजिक सुरक्षा और ऊर्जा में संशोधन
मिशन वात्सल्य: महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना में स्पांसरशिप, फॉस्टर केयर, और आफ्टर केयर जैसी गैर-संस्थागत सेवाओं को जारी रखने पर फैसला हुआ। इस योजना में केंद्र सरकार का अंश 60% और राज्य सरकार का अंश 40% होगा।
सोलर पंप योजना: किसानों को सिंचाई में राहत देने के लिए लाई गई ‘प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना’ (सोलर पंप स्थापना) में आवश्यक संशोधनों को भी कैबिनेट ने अनुमोदित किया।
प्रशासनिक और न्यायिक नियुक्तियाँ
लोकायुक्त संगठन: रिटायर्ड जिला और सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह को लोकायुक्त संगठन में विधि सलाहकार के पद पर संविदा नियुक्ति का अनुमोदन किया गया।
अन्य निर्णय:
आगर मालवा में नवगठित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को शैक्षणिक कैडर के समान पुनरीक्षित सातवां वेतनमान का लाभ देने पर सहमति बनी।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तों के नियम 2025 का भी अनुमोदन किया गया।
कैबिनेट में कर्मचारियों की पेंशन रोकने और उनके इलाज पर खर्च राशि स्वीकृत किए जाने जैसे अन्य मामलों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक प्रदेश के वित्तीय, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।







