सीएमआरएस की एनओसी में अटक गया मेट्रो रेल का प्रोजेक्ट

सीएमआरएस की एनओसी में अटक गया मेट्रो रेल का प्रोजेक्ट
– नए साल तक टला भोपाल मेट्रो में सवारी का सपना
यश भारत भोपाल। राजधानी भोपाल में मेट्रो ट्रेन में सवारी करने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया है। वर्ष 2025 के अंत तक मेट्रो का का पूरा होना संभव नहीं है अब नए वर्ष 2026 में मेट्रो का लाभ मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो संचालन के लिए अक्टूबर 2025 तक का समय दिया था, लेकिन पूरा सालब बीतने में महज एक माह शेष बचा है। अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि काम जल्द से जल्द पूरा होने के लिए प्रयास किया जा रहा है। सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी) द्वारा निरीक्षण नहीं होने से मेट्रो के संचालन के लिए फिलहाल अनुमति नहीं मिल सकी है।
2023 से लगातार बढ़ रही समय सीमा
– भोपाल मेट्रो का सपना जनता को सितंबर 2023 से दिखाया जा रहा है।
– पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने मेट्रो चलाने की घोषणा की। ट्रायल रन हुआ, लेकिन सवारी शुरू नहीं हो पाई।
– अप्रैल मई 2024 में अधूरे कार्यों के चलते इसे दिसंबर 2024 तक बढ़ाया गया।
– अगस्त 2025 में सरकार ने कहा कि फिर कहा गया कि अब अक्टूबर 2025 में मेट्रो दौड़ेगी।
– अक्टूबर भी बीत गया, और अब बात सीएमआरएस की मंजूरी के बाद की जा रही है।
क्या है जमीनी हकीकत
प्रोजेक्ट का प्राथमिक कॉरिडोर — सुभाष नगर से तक लगभग 7.5 किमी तक तैयार बताया जा रहा है। रेल डिजाइन एवं मानक संगठन ने तकनीकी स्वीकृति दे दी है, लेकिन सीएमआरएस टीम अब 13 से 15 नवंबर के बीच निरीक्षण करने आने वाली है। निरीक्षण के बाद ही फाइनल एनओसी जारी होगी। स्टेशन की एंट्री-एग्जिट, रैंप, रेलवे स्टेशन से कनेक्टिंग स्काईवॉक, और सुरक्षा उपकरणों की फिटिंग जैसे कई काम अभी बाकी हैं। निर्माण के दौरान कई स्टेशनों की ऊंचाई डिजाइन के मानकों से कम पाई गई, जिसके चलते सुधार कार्य भी जारी है।
अधिकारियों और एक्सपर्ट की राय
प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम लगभग पूरा हो चुका है। विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किए जा चुके हैं। सीएमआरएस निरीक्षण का एक भाग भी संपन्न हुआ है। एनओसी मिलते ही मेट्रो संचालन के लिए तैयार है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि मेट्रो के कई हिस्सों में अभी फिनिशिंग कार्य बाकी है। जल्दबाजी में अगर संचालन शुरू किया गया तो यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
जनता की उम्मीदें अब 2026 पर टिकीं
लगातार बढ़ती तारीखों ने राजधानीवासियों के सब्र की परीक्षा ले ली है। ट्रैफिक जाम और बढ़ते प्रदूषण के बीच लोग मेट्रो को राहत की डोर मानते हैं। अब सभी निगाहें सीएमआरएस निरीक्षण और एनओसी पर टिकी हैं। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो नए साल के पहले तिमाही में भोपाल मेट्रो अपने पहले यात्रियों का स्वागत कर सकती है।
लगातार रिव्यू किया जा रहा है
मेट्रो का काम पूरा हो सके इसके लिए लगातार रिव्यू किया जा रहा है, संबंधित अधिकारियों को इसके लिए दिशा निर्देश दिए गए है, सीएमआरएस के निरीक्षण के बाद अनुमति मिल जाएगी।
– संस्कृति जैन, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक , मेट्रो रेल कार्पोरेशन







