मप्र शराब दुकानों की नीलामी में बड़ा उलटफेर: अब समूह ही नहीं, एकल दुकान के लिए भी लग सकेगी बोली

मप्र शराब दुकानों की नीलामी में बड़ा उलटफेर: अब समूह ही नहीं, एकल दुकान के लिए भी लग सकेगी बोली
आबकारी विभाग ने बदला नियम; छोटे निवेशकों को मिलेगा मौका, 15% कम प्राइज पर भी मंजूर होंगे ऑफर
भोपाल,यशभारत। मध्यप्रदेश आबकारी विभाग ने शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है। अब तक चली आ रही ‘ग्रुप’ (समूह) नीलामी की अनिवार्यता को खत्म करते हुए विभाग ने अब एकल दुकान के लिए भी ऑफर मंजूर करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव नीलामी के आठवें चरण से लागू हो गया है, जो आज यानी 25 मार्च से शुरू हो रहा है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन दुकानों को नीलाम करना है जो पिछले सात चरणों में बड़े समूहों का हिस्सा होने के कारण नहीं बिक पाई थीं। अब छोटे निवेशक भी ग्रुप के भीतर की किसी एक दुकान के लिए अपनी किस्मत आजमा सकेंगे।
प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का नया फॉर्मूला
विभाग ने इस बार प्रक्रिया को काफी दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी बनाया है। ई-टेंडर कम ऑक्शन के दौरान पूरे ग्रुप के साथ-साथ ग्रुप के भीतर की हर दुकान पर अलग-अलग बोली लगाने की सुविधा दी गई है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी समूह में 3 दुकानें हैं, तो कुल 8 अलग-अलग प्रकार की बोलियां (ग्रुप और एकल मिलाकर) लगाई जा सकेंगी।
किसे मिलेगी प्राथमिकता?
दुकानों का आवंटन अधिकतम राजस्व के सिद्धांत पर होगा। यदि किसी ग्रुप के लिए आई एकमुश्त बोली, उस ग्रुप की सभी एकल दुकानों के लिए आई अलग-अलग बोलियों के योग से ज्यादा है, तो ग्रुप को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं, यदि एकल दुकानों की बोलियों का कुल जोड़ ग्रुप की बोली से अधिक निकलता है, तो दुकानों का आवंटन व्यक्तिगत आधार पर किया जाएगा।







