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लोकमाता देवी अहिल्या बाई के सम्मान में इंदौर दुल्हन की तरह सजा,

कैबिनेट बैठक आज

इंदौर: “सदियों दुश्मन रहा दौर ए जमां, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी”… अल्लामा इकबाल के ये शब्द देवी अहिल्या बाई होल्कर के संघर्ष और गौरवशाली विरासत को बखूबी बयां करते हैं। आज इंदौर शहर और पूरी मध्य प्रदेश सरकार उनकी स्मृति में नतमस्तक है। यह पहला अवसर है जब किसी राज्य सरकार ने अपनी लोकमाता के चरणों में उनकी शासन व्यवस्था और लोक कल्याण के कार्यों का सम्मान करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया है।1200 675 24198792 thumbnail 16x9 cb aspera

300 साल के सुशासन की मिसाल, अनूठा संयोग

इंदौर आज एक ऐसे सुखद दिन का साक्षी बन रहा है जिसे यहाँ के लोग कभी नहीं भूल पाएंगे। 300 वर्षों से सुशासन, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक रहीं लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के सम्मान में पहली बार इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हो रही है। इस अवसर को और भी विशेष बना रहा है 20 मई का अद्भुत संयोग, जब तिथि के अनुसार लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की जयंती, उनका विवाह वर्षगांठ और महाराजा श्रीमंत मल्हार राव होल्कर की पुण्यतिथि एक ही दिन पड़ रहे हैं।

कैबिनेट बैठक की भव्य तैयारी, राजवाड़ा दुल्हन की तरह सजा

राज्य सरकार इस अनूठे संयोग को लोकमाता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि मानती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राजवाड़ा भवन, जिसका निर्माण महाराजा श्रीमंत मल्हार राव होल्कर ने शुरू किया था और जिसे लोकमाता अहिल्या बाई ने पूर्ण कराया, उसी ऐतिहासिक स्थल पर मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर उन्हें नमन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर की शासन व्यवस्था को समर्पित इस बैठक में प्रदेश की जनता के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। राजवाड़ा क्षेत्र विशेष रूप से आकर्षक लग रहा है। शहर भर में बंधनवार लगाए गए हैं और पारंपरिक मालवी तरीके से अतिथियों का स्वागत किया जाएगा।

दो दिन तक चलेगा स्मरण का पर्व, मालवी आतिथ्य का अनुभव

अगले दो दिनों तक पूरे शहर में अहिल्याबाई होल्कर के त्याग और योगदान को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से याद किया जाएगा। राजवाड़ा के साथ-साथ पूरा शहर अहिल्याबाई की थीम पर सजाया जा रहा है। शहर के विभिन्न संगठन और बाजार भी इस आयोजन में अपना योगदान दे रहे हैं। इंदौर जिला प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभाग मिलकर अहिल्याबाई के सुशासन, सेवा, समर्पण और मालवी खानपान व अतिथि परंपरा को प्रदर्शित करेंगे।

आने वाले अतिथियों को स्वादिष्ट मालवी व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, उनके लिए शहर के सराफा, 56 दुकान और चिड़ियाघर जैसे प्रमुख स्थानों पर घूमने की भी व्यवस्था की गई है। इंदौर पुलिस ने शहर के यातायात और राजवाड़ा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। आम जनता को यातायात संबंधी किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए राजवाड़ा और सराफा क्षेत्र के रास्तों पर यातायात परिवर्तन किया गया है।

राजवाड़ा में फिर सजेगा अहिल्याबाई का शाही दरबार, सिंहस्थ में दिखेगा गौरवशाली इतिहासmp ind 01 cabinet pkg 7201450 19052025131644 1905f 1747640804 785

यह आयोजन न केवल वर्तमान पीढ़ी को लोकमाता के महान कार्यों से परिचित कराएगा, बल्कि सिंहस्थ जैसे वैश्विक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं को भी उनके गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएगा।

20 से 31 मई तक विविध कार्यक्रमों की धूम

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 20 मई से 31 मई तक पूरे प्रदेश में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत 19 मई को इंदौर में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई, जिसमें महाराष्ट्र के नागपुर से आए कलाकारों ने लोकमाता के जीवन के विभिन्न पहलुओं को एक लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जन्म जयंती को और भी यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार 31 मई को भोपाल में भी एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करेगी।

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