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आज रात 12 बजे से कुशली गांव में लगेगा ‘लॉकडाउन’ 

कल दोपहर 2 बजे के बाद हो जाएगा सामान्य 

आज रात 12 बजे से कुशली गांव में लगेगा ‘लॉकडाउन’ 

कल दोपहर 2 बजे के बाद हो जाएगा सामान्य 

जबलपुर यशभारत। आधुनिक दौर में जहां लॉकडाउन शब्द कोरोना काल की याद दिलाता है, वहीं जिले के कटंगी के पास कुशली गांव में यह कोई नई बात नहीं है। यहां आज भी सदियों पुरानी परंपरा के तहत गांव को ‘बांधने’ की अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। इसी कड़ी में आज रात 12 बजे से बुधवार दोपहर 2 बजे तक पूरे गांव में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसका उद्देश्य गांव की सुरक्षा, समृद्धि और किसी भी अनिष्ट से बचाव करना माना जाता है। इस दौरान गांव की सीमाएं प्रतीकात्मक रूप से ‘बांध’ दी जाती हैं और कड़े नियम लागू कर दिए जाते हैं। यह परंपरा ग्रामीण क्षेत्र के अन्य गांव में आज भी चल रही है। जिसमें निर्धारित समय के दौरान न तो कोई ग्रामीण अपने घर से बाहर निकल सकता है और न ही कोई बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश कर सकता सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन कुच्ट ली है। ग्राम वासियों के मुताबिक प्रतिवर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा को गांव बांधने की परंपरा काफी प्राचीन है। इसका परंपरा के उल्लंघन को अशुभ माना जाता है, इसलिए ग्रामीण पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ इसका पालन करते हैं। इस अनोखी परंपरा को लेकर गांव में विशेष तैयारी भी की गई है। ग्रामीणों ने पहले ही आवश्यक कार्य निपटा लिए हैं, ताकि निर्धारित समय में किसी को बाहर निकलने की आवश्यकता न पड़े। इसके साथ ही गांव के लोगों को इस दौरान कहीं भी आना-जाना पूर्ण प्रतिबंध है इसके लिए गांव के लोगों को जानकारी भी दी जाती है। गांव के युवाओं का कहना है कि भले ही समय बदल गया हो, लेकिन वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह परंपरा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि गांव की एकता और अनुशासन को भी दर्शाती है। कुशली गांव की यह अनूठी परंपरा आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां आधुनिकता के बीच संस्कृति की जड़ें मजबूती से कायम हैं।

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