जीतू पटवारी ने CM को लिखा पत्र, दागी मंत्रियों के इस्तीफे की मांग

जीतू पटवारी ने CM को लिखा पत्र, दागी मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
5 लाख करोड़ के कर्ज और 29 योजनाओं के बंद होने का लगाया आरोप, सड़कों पर उतरेंगे कांग्रेस के दिग्गज
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आगाज से पहले ही प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक तीखा पत्र लिखकर सरकार की मंशा और मंत्रियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर ‘श्वेत पत्र’ जैसी आक्रामकता दिखाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार कर्ज के दलदल में डूबी हुई है।
आंकड़ों का आडंबर है राज्यपाल का अभिभाषण
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आगामी बजट सत्र और राज्यपाल के अभिभाषण को ‘हकीकत से दूर आंकड़ों का आडंबर’ करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर तीन कद्दावर मंत्रियों की उपयोगिता पर सवाल उठाए
विजय शाह: पटवारी ने आरोप लगाया कि उन पर देश की बेटी और भारतीय सेना के अपमान के गंभीर आरोप हैं।
राजेंद्र शुक्ला: छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से हुई मासूमों की मौत का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
कैलाश विजयवर्गीय: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री को घेरा। पटवारी ने तंज कसते हुए लिखा कि ऐसे मंत्रियों की मंत्रिमंडल में उपस्थिति अब नैतिकता से उत्तर मांग रही है।
हर नागरिक पर 60 हजार का कर्ज: पीसी शर्मा
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रदेश की आर्थिक सेहत पर प्रहार करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पर वर्तमान में 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसका मतलब है कि प्रदेश का हर व्यक्ति 60 हजार रुपये के कर्ज के नीचे दबा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास पैसा नहीं है, जिसके कारण 29 जनहितैषी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। शर्मा ने सवाल उठाया कि उन मंत्रियों को बजट आवंटित करने का क्या फायदा, जिनके विभागों में लापरवाही से जान जा रही है?
सड़कों पर उतरेगा विपक्ष
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी सरकार को चैन से बैठने नहीं देगी। सत्र के दौरान किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनरों और युवाओं के आंदोलन को अपना खुला समर्थन देने का ऐलान किया है। अमेरिका के साथ हुई कृषि डील (मक्का-ज्वार आयात) को लेकर भी कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरते हुए इसे किसानों के साथ वादाखिलाफी बताया है।







