इंदौर में दूषित पानी से बीमार पड़ा जबलपुर का छात्र,मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर में उपचार जारी
हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि,पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल

जबलपुर, यशभारत। जबलपुर निवासी आदित्य मिश्रा, जो इंदौर के भवरकुआं क्षेत्र में रहकर बीबीए की पढ़ाई कर रहा था, दूषित पेयजल के सेवन से गंभीर रूप से बीमार हो गया। प्रारंभिक जांच में आदित्य के रक्त में हेपेटाइटिस-ए संक्रमण की पुष्टि हुई है। वर्तमान में जबलपुर स्थित मेट्रो हॉस्पिटल में उसका उपचार चल रहा है और चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर है।

जानकारी के अनुसार आदित्य इंदौर में सार्वजनिक नल से पानी लेकर दैनिक उपयोग करता था। इसी दौरान वह तथा उसके दो-तीन दोस्त एक साथ बीमार पड़ गए। तबीयत बिगड़ने पर आदित्य आगे की ट्रैकिंग के लिए देहरादून गया, जहां उसकी हालत और गंभीर हो गई। वहां चिकित्सकों ने उसे दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी, लेकिन आर्थिक स्थिति अनुकूल न होने के कारण वह इलाज नहीं करा सका और वापस जबलपुर लौट आया।
जबलपुर पहुंचने पर हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तत्काल मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां की गई जांच में डॉक्टरों ने दूषित पानी से बीमारी होने की आशंका जताई, जो बाद में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि से सही साबित हुई। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर उपचार मिलने से मरीज की स्थिति अब नियंत्रण में है।
पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद आदित्य के परिजनों ने प्रदेश सरकार एवं इंदौर नगर प्रशासन से भवरकुआं क्षेत्र सहित छात्र बहुल इलाकों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाता, तो एक होनहार छात्र को इस तरह जानलेवा बीमारी से नहीं जूझना पड़ता।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इंदौर जैसे बड़े शैक्षणिक शहर में छात्रों का दूषित पानी पीने को मजबूर होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।








