जबलपुर मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहासः मध्य प्रदेश का पहला एनईएलएस इमरजेंसी मेडिसिन कोर्स शुरू

जबलपुर मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहासः मध्य प्रदेश का पहला एनईएलएस इमरजेंसी मेडिसिन कोर्स शुरू
जबलपुर, मध्य प्रदेश जबलपुर मेडिकल कॉलेज ने आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि यह मध्य प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज बन गया है जिसने एनईएलएस कोर्स का उद्घाटन किया है। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. मयंक चंसौरिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कोर्स केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की पहल है. इसका मुख्य उद्देश्य नर्सों, पैरामेडिकल वर्कर्स और डॉक्टरों को विभिन्न प्रकार की आपातकालीन स्थितियोंकृजैसे ट्रॉमा, मेडिकल इमरजेंसी, सर्जिकल इमरजेंसी, गर्भवती महिलाओं की आपात स्थिति और बच्चों को तुरंत ठीक करनेकृमें निपुण बनाने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है.
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मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना के कुशल मार्गदर्शन में, जबलपुर में आज पहले एनईएलएस कोर्स को सफलतापूर्वक शुरू किया गया. यह पहल मध्य प्रदेश के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सों को अधिक से अधिक प्रशिक्षित करने की कॉलेज की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में नर्सिंग कॉलेज के सभी संकाय सदस्यों और कॉलेज के विभिन्न विभागों का अमूल्य योगदान रहा. इस अवसर पर, सभी सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया.
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डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि आज से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय कोर्स पूरी तरह से व्यावहारिक होगा. इसमें प्रतिभागियों को इंजेक्शन लगाने, एनईएलएस करने, और अन्य आपातकालीन प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन और अभ्यास कराया जाएगा. डॉ. मयंक चंसौरिया, जो इमरजेंसी मेडिसिन के प्रोफेसर भी हैं, इस कोर्स के नोडल अधिकारी हैं और उन्होंने इसका कुशल प्रबंधन किया है. यह कोर्स जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह मध्य प्रदेश में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. कॉलेज नियमित आधार पर इस प्रशिक्षण को जारी रखने का इरादा रखता है, जिससे राज्य में प्रशिक्षित आपातकालीन चिकित्सा पेशेवरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.






