मंदिर के पास शराब दुकान मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त

मंदिर के पास शराब दुकान मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त
भोपाल, यशभारत। राजधानी के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी (10 नंबर मार्केट) में मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी को लेकर चल रहा विवाद अब तूल पकड़ चुका है। रविवार को मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा आयोग को दिए गए उस जवाब पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया है कि शराब दुकान के 100 मीटर के दायरे में कोई गजट नोटिफाइड धर्म स्थल नहीं है।
कानूनगो ने इसे हास्यास्पद बताते हुए कहा कि अधिकारी अब भगवान से ही उनके होने का प्रमाण मांग रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि धार्मिक स्थल के पास शराब दुकान नहीं होगी, लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखा गया है।
40 मीटर पर मंदिर, फिर भी प्रशासन को नहीं दिखा
स्थानीय रहवासी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि आर्य समाज मंदिर शराब दुकान से महज 40 मीटर की दूरी पर है। पिछले एक साल से रहवासी इसका विरोध कर रहे हैं। प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट में मंदिर के अस्तित्व को सिर्फ इसलिए नकार दिया क्योंकि वह आधिकारिक गजट में दर्ज नहीं है। रहवासियों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और बताया कि यह दुकान पूरी तरह आवासीय भूखंड पर अवैध रूप से संचालित हो रही है।
अवैध अहाते ने बढ़ाई मुसीबत
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि दुकान के पास तिरपाल डालकर अवैध रूप से अहाता चलाया जा रहा है। नगर निगम ने 19 नवंबर 2025 को नोटिस जारी कर 10 दिन में व्यावसायिक गतिविधि बंद करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बावजूद दुकान बेखौफ चलती रही। क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों ने बताया कि असामाजिक तत्वों के जमावड़े के कारण यहाँ से निकलना दूभर हो गया है।
आबकारी अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जिला आबकारी अधिकारी के न पहुँचने पर आयोग सदस्य ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य आबकारी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को नोटिस थमा दिया गया है और अगले कुछ दिनों में दुकान यहाँ से हटा ली जाएगी।







