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हेमंत खंडेलवाल बने मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष: CM मोहन यादव बने प्रस्तावक, निर्विरोध निर्वाचन

हेमंत खंडेलवाल बने मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष: CM मोहन यादव बने प्रस्तावक, निर्विरोध निर्वाचन

भोपाल: बैतूल विधायक हेमंत विजय खंडेलवाल को मध्य प्रदेश बीजेपी का नया अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खंडेलवाल के प्रस्तावक बने और उन्हें हाथ पकड़कर मंच पर लेकर पहुंचे। इस दौरान चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, विवेक शेजवलकर, और सरोज पांडे भी मौजूद थे।

नामांकन प्रक्रिया और प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

भाजपा प्रदेश कार्यालय के सभागार में हुए नामांकन के समय चुनाव अधिकारी, चुनाव प्रभारी, पर्यवेक्षक सरोज पांडे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, और वीरेंद्र कुमार खटीक उपस्थित रहे। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के इशारे के बाद सीएम मोहन यादव खंडेलवाल का हाथ पकड़कर मंच पर ले गए, जहां उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया।

क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: मालवा-निमाड़ का दबदबा

मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष पद पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र का हमेशा से दबदबा रहा है। इस क्षेत्र से अब तक सर्वाधिक 8 बार नेताओं को संगठन का नेतृत्व करने का अवसर मिला है।

सुंदरलाल पटवा (मंदसौर, सामान्य): दो बार प्रदेशाध्यक्ष रहे (1980-1983 और 1986-1990)।

लक्ष्मीनारायण पांडे (रतलाम, सामान्य): 1994-1997 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे।

विक्रम वर्मा (धार, ओबीसी): 2000-2002 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे।

कैलाश जोशी (देवास, सामान्य): 2002-2005 तक संगठन का नेतृत्व किया।

सत्यनारायण जटिया (उज्जैन, एससी): फरवरी 2006 से नवंबर 2006 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे।

नंदकुमार सिंह चौहान (खंडवा, सामान्य): 2016-2018 तक इस पद पर रहे।

अन्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व

ग्वालियर-चंबल: इस क्षेत्र से 4 बार प्रदेशाध्यक्ष चुने गए। नरेंद्र सिंह तोमर (सामान्य) को दो बार कमान सौंपी गई (2006-2010 और 2012-2014)। उनके बाद प्रभात झा (सामान्य) 2010-2013 तक अध्यक्ष रहे। निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा (सामान्य) भी इसी क्षेत्र से हैं।

महाकौशल: इस क्षेत्र से दो बार प्रदेशाध्यक्ष बने। शिवप्रसाद चनपुरिया (सामान्य) 1985-1986 तक और राकेश सिंह (सामान्य) 2018-2020 तक अध्यक्ष रहे।

मध्य क्षेत्र: इस क्षेत्र से केवल एक बार शिवराज सिंह चौहान (ओबीसी) को मई 2005 से फरवरी 2006 तक प्रदेशाध्यक्ष रहने का मौका मिला।

अविभाजित मध्य प्रदेश के समय का प्रतिनिधित्व

अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान छत्तीसगढ़ के दो नेताओं ने भी एमपी भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। रायगढ़ से लखीराम अग्रवाल (सामान्य) ने 1990 से 1994 तक, और नंदकुमार साय (एसटी) ने 1997 से 2000 तक प्रदेश संगठन की कमान संभाली थी।

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