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जहां खाली जगह दिखी, वही कर दिया जाता है कचरा डंप, कब उठेगा कोई गारंटी नहीं

जबलपुर, यश भारत।शहर में सफाई व्यवस्था की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। नगर निगम की लापरवाही और सफाईकर्मियों की मनमानी से हर गली-मोहल्ला अब “अघोषित कचराघर” में तब्दील होता जा रहा है। नतीजा – स्थानीय रहवासी परेशान, बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है और दीपावली से पहले शहर की तस्वीर बदहाल हो चली है.

हर कॉलोनी में कचरे के ढेर

शहर के कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो रही। कॉलोनियों और बस्तियों में हर मोड़, गली और खाली जमीन पर कचरे का ढेर देखा जा सकता है। सफाईकर्मी गाड़ियों से कचरा इकट्ठा करते हैं और उसे सीधे सड़क किनारे या खाली प्लॉट में फेंक देते हैं — जिससे आवारा मवेशी उसमें खाना ढूंढते हुए और ज़्यादा गंदगी फैला देते हैं। सबसे चिंताजनक बात ये है कि मवेशी इन कचरे के ढेरों से पॉलिथीन तक निगल रहे हैं, जिससे उनकी जान पर भी बन आती है। कुछ उदाहरण महर्षि महेश योगी वार्ड की रामनगर कॉलोनी:

यहाँ स्थित राजराजेश्वरी देवी मंदिर के पास नगर निगम के कर्मचारी लगातार कचरा डंप कर रहे हैं। धार्मिक स्थल के आसपास इस प्रकार की गंदगी से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।अब्दुल हमीद वार्ड की आदर्श कॉलोनी:
यहाँ एक नर्सिंग होम के पीछे मुख्य मार्ग पर कचरे का अड्डा बन चुका है। स्थानीय लोग बदबू और गंदगी के कारण बेहद परेशान हैं, लेकिन निगम की गाड़ी समय पर नहीं आती। यह दो स्थान तो उदाहरण मात्र हैं इस तरह की समस्या शहर के ज्यादातर वार्ड की है।

दीपावली की तैयारी, पर कचरा कहां फेंकें?

इस समय शहरवासी दीपावली की तैयारी में जुटे हैं। घरों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई जोरों पर है, जिससे कचरे की मात्रा और अधिक बढ़ गई है। लेकिन कचरा गाड़ी का समय तय न होने के कारण लोग असमंजस में हैं कि इसे कहां फेंका जाए। कई बार मजबूरी में लोग सड़क किनारे या खाली प्लॉट में कचरा डाल देते हैं, जिससे नई जगहें भी अघोषित कचराघर बन जाती हैं। अव्यवस्था से उठते सवाल
* क्या नगर निगम के पास कोई नियोजित कचरा उठाव प्लान है?
* क्या दीपावली जैसे त्योहारी समय पर अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की गई है?
* क्या धार्मिक स्थलों और अस्पतालों के पास डंपिंग रोकने के लिए विशेष निर्देश हैं?रहवासियों की मांग
* समय पर कचरा गाड़ी आए।
* अस्थायी डंपिंग जोन हटाए जाएं।
* धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास विशेष सफाई हो।

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