मौत का फंदा बनी जुए की लत; गार्ड ने सुसाइड नोट लिख दी जान, शहर में दो और युवकों ने की खुदकुशी

मौत का फंदा बनी जुए की लत; गार्ड ने सुसाइड नोट लिख दी जान, शहर में दो और युवकों ने की खुदकुशी
भोपाल, यशभारत। राजधानी में बीते 24 घंटों के भीतर खुदकुशी की तीन सनसनीखेज घटनाएं सामने आई हैं। बिलखिरिया इलाके में एक सिक्योरिटी गार्ड ने जुए में हार और कर्ज के दबाव में मौत को गले लगा लिया, वहीं नजीराबाद और स्टेशन बजरिया क्षेत्र में भी दो युवाओं ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
कर्ज की डेडलाइन नहीं झेल सका गार्ड
पहली घटना बिलखिरिया थाना क्षेत्र के महाकाल सिटी (कोकता) की है। यहां रहने वाले 50 वर्षीय राजेश त्रिपाठी ने अपने घर में फांसी लगा ली। राजेश एक निजी कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड थे। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपना दर्द बयां किया है।
थाना प्रभारी उमेश सिंह चौहान के मुताबिक, राजेश ने पत्र में लिखा कि वह जुए में करीब 70 हजार रुपये हार गए थे। उन पर 11 हजार रुपये का अतिरिक्त कर्ज भी था, जिसे चुकाने का दबाव था। घटना के वक्त उनकी पत्नी और बेटा गांव गए हुए थे। जुए की लत और आर्थिक तंगी के कारण उपजे मानसिक तनाव को आत्महत्या की प्राथमिक वजह माना जा रहा है।
नजीराबाद: 20 वर्षीय मजदूर ने दी जान
नजीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघोड़ा में प्रहलाद अहिरवार (20) नामक युवक ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। प्रहलाद मजदूरी करता था। शनिवार सुबह जब परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा, तो पुलिस को सूचना दी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
इलाज के दौरान फैक्ट्री कर्मी ने तोड़ा दम
तीसरी घटना स्टेशन बजरिया थाना क्षेत्र की साईराम कॉलोनी की है। यहां रहने वाले 26 वर्षीय राजा सिंह ने शुक्रवार रात घर में फांसी लगा ली। राजा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में काम करता था। परिजनों ने उसे तत्काल फंदे से उतारकर हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है।
पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों में शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। गार्ड के मामले में सुसाइड नोट मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। अन्य दो मामलों में आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।







