नशे के हॉट स्पॉट पर नजर, यात्रियों को बेहतर बस सेवा देने पर जोर
– मुख्यमंत्री ने कलेक्टर-एसपी को दिए निर्देश, हर माह होगी समीक्षा
भोपाल, यश भारत । शहरों में नशे के हॉट स्पॉट चिन्हित कर वहां निगरानी बढ़ाई जाएगी। नशे के कारोबार पर नियंत्रण के साथ युवाओं और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर हर माह नशा मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में नशे पर नियंत्रण के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में भी अभियान की निरंतर समीक्षा के साथ नशे के कारोबार में लिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नशे के हॉट स्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जाए और जहां नशे से जुड़ी गतिविधियों की शिकायतें सामने आती हैं, वहां प्रभावी कार्रवाई की जाए। पुलिस और आबकारी विभाग आवश्यकता के अनुसार संयुक्त कार्रवाई करने से पीछे न हटें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि जिला स्तर पर इसकी लगातार निगरानी की जाए। नियमित समीक्षा के माध्यम से यह देखा जाए कि अभियान का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई दे रहा है। नशे की गतिविधियों पर नियंत्रण से युवाओं को इससे दूर रखने के साथ शहरों में आम लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
सुगम परिवहन सेवा में भ्रम दूर करें अधिकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस सेवा में निजी बसों का भी उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। अधिकारियों को सेवा से जुड़ी सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने और बस संचालन को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से हर सप्ताह चर्चा करें। राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष विभिन्न रूट का प्रस्तुतिकरण कर सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन रूट पर वर्तमान में बसों का संचालन हो रहा है, वहां मैदानी अमला सहयोगी रवैया अपनाए। इससे बसों के संचालन में अनावश्यक बाधा नहीं आएगी और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी। बस सेवा को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का भी समय पर समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बंद पड़े बस डिपो और टर्मिनलों को फिर से उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाकर बैठक और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं। जिन स्थानों पर बस स्टॉप या बस स्टैंड समाप्त हो चुके हैं, वहां भूमि उपलब्ध कराकर यात्रियों के लिए यह सुविधा दोबारा विकसित की जाए।
निजी बसों के संचालन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परमिट के अलावा चल रही बसों के व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए। निजी बस ऑपरेटरों की बसों की फिटनेस, परमिट की शर्तों और ड्राइवर के बस संचालन व व्यवहार का मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों के माध्यम से नियमित निरीक्षण कराया जाए।
शहरों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी अधोसंरचना विकसित करने में स्थानीय प्रशासन क्षेत्रीय कंपनियों के साथ समन्वय करेगा। बसों के निर्बाध संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य लोगों को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।