आगरा में बढ़ी बाढ़ की आफत, 500 से अधिक परिवार बेघर
ताजमहल के पास तक पहुंचा पानी

आगरा में बढ़ी बाढ़ की आफत, 500 से अधिक परिवार बेघर
आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. शनिवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान (499 फीट) को पार कर 499.2 फीट तक पहुँच गया, जिसके कारण लगभग 517 परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले 50 हज़ार से अधिक लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है, क्योंकि अगले दो दिनों तक जलस्तर और बढ़ने की आशंका है.

तटीय इलाकों में हाहाकार
यमुना में आई बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके हैं कैलाश, बल्केश्वर, मोती महल और नगला पैमा. इन इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों का खाने-पीने का सामान, कपड़े, फर्नीचर और बिजली के उपकरण सब पानी में डूब गए हैं. मोती महल में तो लगभग 250 घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, और प्रशासन ने वहाँ रहने वाले 1000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है.
कैलाश गाँव में 15 घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है, जिसके कारण 50 से अधिक लोग अपने रिश्तेदारों के यहाँ चले गए हैं. इसी तरह, बल्केश्वर के अनुराग नगर और जीवनी मंडी के कृष्णा नगर में भी रास्ते डूब चुके हैं. ताजमहल के पास दशहरा घाट पूरी तरह से पानी में डूब गया है और ताजमहल के पीछे स्थित नगला पैमा के 10 घरों में भी पानी घुस गया है.

राहत शिविरों में नहीं जा रहे लोग
ज़िला प्रशासन ने शहरी सीमा में 17 और बल्केश्वर आईटीआई में एक अस्थायी राहत शिविर बनाया है, जिनमें कुल 2000 लोगों के ठहरने का इंतज़ाम है. हालाँकि, बाढ़ से प्रभावित अधिकतर लोग इन शिविरों में जाने के बजाय अपने रिश्तेदारों के यहाँ शरण ले रहे हैं. ज़िलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि राहत शिविरों में भोजन और अन्य ज़रूरी सामान की व्यवस्था की गई है.
अगले 48 घंटे बेहद अहम
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, गोकुल बैराज से 1.39 लाख क्यूसेक, ओखला बैराज से 1.92 लाख क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से 48,713 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है. यह सारा पानी अगले 24 से 48 घंटे में आगरा पहुँचेगा, जिससे यमुना का जलस्तर और भी बढ़ सकता है.
इन इलाकों में खतरा ज़्यादा
प्रशासन ने जिन इलाकों में सबसे ज़्यादा खतरा बताया है, उनमें शामिल हैं:
कैलाश, बूढ़ी का नगला, और दयालबाग में अमर विहार.
बल्केश्वर में अनुराग नगर और कृष्णा नगर.
मोती महल, टेढ़ी बगिया, और रामबाग बस्ती.
कटरा वज़ीर खां, बुर्ज, नगला छीतर, मेहरा नहारगंज.
ताजमहल के पास नगला पैमा, शाहिदपुर, और वीरपुरा.
ट्रांस यमुना क्षेत्र की कई बस्तियाँ भी खतरे में हैं.
प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ.







