भोपाल में पटाखों से लगी आग, दो दर्जन घटनाओं में कारें और झोपड़ियाँ जलीं

भोपाल में पटाखों से लगी आग, दो दर्जन घटनाओं में कारें और झोपड़ियाँ जलीं
राजधानी में फायर ब्रिगेड रही सक्रिय, स्थानीय लोगों ने टाल दिए कई बड़े हादसे
भोपाल, यशभारत। रोशनी के पर्व दीपावली की रात राजधानी भोपाल में आगजनी की करीब दो दर्जन घटनाओं ने प्रशासन को पूरी रात सतर्क रखा। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात आतिशबाजी और पटाखों की चिंगारियों से शहर के अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की 18 से 20 शिकायतें दर्ज की गईं।
कारों और झोपड़ियों में लगी आग
सबसे गंभीर घटनाएं संत हिरदाराम नगर (गिदवानी पार्क) और शाहपुरा (अर्चना पैलेस) क्षेत्र में हुईं, जहाँ दो कारों में भीषण आग लग गई। इन दोनों ही स्थानों पर दमकल के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया।
कारों के अलावा, कई गरीब बस्तियों में भी आग लगी। अयोध्या बायपास पर एक झोपड़ी और लॉन्ड्री की दुकान जल गई। इसके अलावा, लांबाखेड़ा स्थित एक मकान, कोहेफिजा में पेड़, अपोलो सेज अस्पताल के पास झाड़ियाँ और ऐशबाग में बाउंड्रीवॉल के पेड़-पौधे भी आग की चपेट में आए।
300 से अधिक कर्मचारी रहे सक्रिय
नगर निगम के कंट्रोल रूम को लगातार शिकायतें मिलती रहीं, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर घटनाएं पटाखों से निकली चिंगारियों के कारण हुईं। बड़े हादसे इसलिए टल गए क्योंकि अधिकांश स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए खुद ही आग पर काबू पा लिया और दमकल को बुलाने की भी जरूरत नहीं पड़ी।
नगर निगम का दमकल अमला 300 से अधिक कर्मचारियों के साथ पूरी रात सक्रिय रहा। अवधपुरी, करोंद, कोलार, न्यू मार्केट, हमीदिया रोड, छोला दशहरा मैदान, बाग मुगालिया सहित कई इलाकों में आगजनी के छोटे-मोटे मामलों में दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला।







