व्हाट्सएप लिंक क्लिक करते ही किसान के उड़े 2.50 लाख, बैरसिया में बड़ी साइबर ठगी

व्हाट्सएप लिंक क्लिक करते ही किसान के उड़े 2.50 लाख, बैरसिया में बड़ी साइबर ठगी
सावधान! बैंक के नाम पर आए एपीके लिंक ने खाली किया खाता; किसान की सतर्कता से बची शेष राशि
भोपाल, यशभारत। राजधानी के ग्रामीण इलाकों में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। ताजा मामला बैरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम काढ़ेया शाह का है, जहां एक किसान साइबर जालसाजों का शिकार हो गया। ठगों ने बैंक के नाम पर व्हाट्सएप पर एक फर्जी लिंक भेजा और जैसे ही किसान ने उसे खोला, उनके बैंक ऑफ इंडिया के खाते से करीब 2 लाख 49 हजार रुपए साफ हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित किसान राधेश्याम शर्मा (45) ने बताया कि 28 दिसंबर की रात उनके मोबाइल पर बैंक ऑफ इंडिया के नाम से बने एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक लिंक साझा किया गया था। यह लिंक बिल्कुल बैंक के आधिकारिक मैसेज जैसा दिख रहा था। राधेश्याम ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल का नियंत्रण संभवत, ठगों के पास चला गया। जिसके बाद पलक झपकते ही कटे पैसे लिंक ओपन होते ही किसान के पास मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। देखते ही देखते खाते से 2,48,943 रुपए निकल गए। घबराए किसान ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बैंक से संपर्क किया और खाते पर ‘होल्ड’ लगवाया, जिससे खाते में बची बाकी रकम सुरक्षित रह सकी।
एपीके लिंक का बिछाया गया था जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने एपीके लिंक का इस्तेमाल किया था। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में एक जासूसी सॉफ्टवेयर (मैलवेयर) इंस्टॉल हो जाता है। यह सॉफ्टवेयर फोन के ओटीपी और बैंकिंग पासवर्ड को सीधे ठगों तक पहुंचा देता है।
वही बैरसिया पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा है किकिसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल न हों। बैंक कभी भी व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर ऐप इंस्टॉल करने या जानकारी अपडेट करने को नहीं कहता। अगर खाते से पैसे कटें, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।






