जिलाध्यक्ष संगठन चलाएं, सरकार नहीं जिला योजना समिति में अध्यक्षों को शामिल करने सरकार से करेंगे बात- हेमंत खंडेलवाल

जिलाध्यक्ष संगठन चलाएं, सरकार नहीं
जिला योजना समिति में अध्यक्षों को शामिल करने सरकार से करेंगे बात- हेमंत खंडेलवाल
प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाध्यक्षों को दिए टिप्स
आशीष शुक्ला
भोपाल, यशभारत। विधानसभा के पावस सत्र की हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन में कसावट को लेकर भी एक्सरसाइज तेज कर चुकी है। पार्टी के मुखिया हेमंत खंडेलवाल ने आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भर से भोपाल पहुंचे जिलाध्यक्षों की बैठक लेकर सत्ता और संगठन से जुड़े अनेक विषयों पर मार्गदर्शन दिया। जिलाध्यक्षों की भूमिका को लेकर पार्टी ने गाइडलाइन स्पष्ट कर दी है। जिलाध्यक्षों को कड़ा संदेश दे दिया गया है कि उनका काम संगठन चलाना है, न कि सरकार चलाना। प्रशासन के कामकाज में दखलंदाजी से जिलाध्यक्षों को बचना चाहिए।

इस महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, मध्य क्षेत्र के संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश में संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जिलाध्यक्षों का पूरा फोकस पार्टी की मजबूती और संगठन के कामकाज के सुचारू संचालन पर होना चाहिए। जिलाध्यक्षों को सरकार की नीतियों के प्रचार प्रसार पर ध्यान अवश्य देना है, लेकिन उन्हें सरकार और प्रशासन के काकाजी सीधे हस्तक्षेप से बचना होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वे सरकार बात करेंगे कि जिलाध्यक्षों को जिला योजना समिति में सदस्य के बतौर स्थान दिया जाए, ताकि वे सत्ता और संगठन के बीच तालमेल की भूमिका में आकर जनसमस्याओं के निराकरण की दिशा में काम कर सकें। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कोई भी विषय हो, उस पर सीधे अधिकारियों से चर्चा की बजाय पहले क्षेत्र के विधायक और सांसद से चर्चा करें, यदि तीन माह तक उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो फिर उस विषय को जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष रखें, जिससे वह सरकार के संज्ञान में लाया जा सके।
प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने कहा कि कुछ जिलों से शिकायतें मिली हैं कि जिलाध्यक्ष अपने दौरे की जानकारी संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को देते हैं। इसे बंद करना होगा। संगठन कामकाज के तहत किए जाने वाले प्रवास की जानकारी केवल कार्यकर्ताओं को होना चाहिए। उन्होंने समय की पाबंदी को लेकर कहा कि संगठन की कोई भी बैठक निर्धारित समय से आधे घंटे के भीतर शुरू हो जाए और उस बैठक को सभी जरूरी चर्चाओं के साथ एक घंटे में समाप्त करने की कोशिश की जाए। बैठक में संगठन महामंत्री ने भी जिलाध्यक्षों को जरूरी टिप्स दिए। कुल मिलाकर भारतीय जनता पार्टी में अब नए मुखिया के आने से संगठन और सत्ता के बीच बेहतर तालमेल की कोशिशों पर तेजी से काम शुरू हो चुका है।







