जर्जर स्कूल भवन बना ‘मौत का घर’, नए सत्र में छात्राओं की जान से खिलवाड़
गोविंदगंज कन्या माध्यमिक शाला परिसर में मलबा, गंदगी का ढेर, निगम और प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

जबलपुर, यशभारत। प्रदेशभर में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत उत्साह के साथ हुई है, लेकिन संस्कारधानी के तमरहाई चौक स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक शाला, गोविंदगंज में छात्राओं को बेहतर शिक्षा के बजाय खतरे और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल परिसर में खड़ा पुराना जर्जर भवन अब छात्राओं के लिए किसी बड़े हादसे का न्योता बन गया है। हालत यह है कि स्कूल का वातावरण पढ़ाई से ज्यादा भय और असुरक्षा का प्रतीक बन चुका है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में इसी परिसर में तीन अलग-अलग स्कूल संचालित होते थे, जिन्हें एकीकृत योजना के तहत कन्या शाला में मर्ज कर दिया गया। इसके बाद बंद हुए स्कूल भवनों की न तो देखरेख की गई और न ही समय पर उन्हें हटाने की कार्रवाई हुई। नतीजतन आज ये भवन पूरी तरह जर्जर होकर गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं। स्कूल परिसर में जगह-जगह मलबा, टूटी दीवारें और फैली गंदगी छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

कुछ माह पहले उत्तर-मध्य विधायक अभिलाष पांडे द्वारा जर्जर भवन को डिस्मेंटल कर नए भवन निर्माण की मंजूरी दिए जाने की बात सामने आई थी। करीब चार माह पूर्व नगर निगम का अमला भवन तोड़ने पहुंचा भी, लेकिन संसाधनों के अभाव में कार्रवाई अधूरी छोड़ दी गई। अधिकारियों ने बड़ी मशीनों से दोबारा कार्रवाई का आश्वासन दिया, मगर आज तक निगम का अमला वापस नहीं पहुंचा।
स्कूल प्रबंधन ने कई बार नगर निगम अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। नए सत्र की शुरुआत के साथ छात्राओं और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि जर्जर दीवारें और मलबे के बीच बच्चियों को पढ़ने भेजना जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय रहवासियों में भी इस स्थिति को लेकर भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि रात के समय स्कूल परिसर असामाजिक तत्वों, शराबियों और बदमाशों का अड्डा बन जाता है। देर रात तक यहां लोगों का जमावड़ा रहता है, जिससे आसपास के क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। इसके अलावा परिसर के बाहर अनियमित तरीके से खड़ी गाड़ियां मोहल्ले के लोगों के लिए आवागमन की समस्या पैदा कर रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।








