भोपालमध्य प्रदेश

दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री का मांगा इस्तीफा, छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ कांड पर सरकार को घेरा

दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री का मांगा इस्तीफा, छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ कांड पर सरकार को घेरा
​भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आज भोपाल में एक तीखी प्रेस वार्ता कर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने खासकर छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ दवा कांड को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था और ड्रग कंट्रोल सिस्टम की गंभीर विफलता बताते हुए उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
​कोल्ड्रिफ कांड: ‘एक महीना क्यों लगा, मंत्री ने क्लीन चिट क्यों दी?’
​दिग्विजय सिंह ने छिंदवाड़ा में जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत पर सरकार के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर से लगातार बच्चों की हालत बिगड़ती गई, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने 2 अक्टूबर को दवा को क्लीन चिट दे दी। सिंह ने सवाल उठाया, “क्या स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा नहीं होना चाहिए?”
: सिंह ने पूछा कि पहली मौत 2 सितंबर को होने के बावजूद, सरकार को स्थिति समझने में एक महीना क्यों लगा? उन्होंने प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर द्वारा बैठक न करने पर भी सवाल खड़े किए।उन्होंने कहा कि यह सरकार की घोर विफलता है और किसी अन्य सरकार में अब तक इस्तीफे हो गए होते। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत पद छोड़ने की मांग की।
​चंदा और ड्रग कंट्रोल पर गंभीर आरोप
​राज्यसभा सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DCGI) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए: उन्होंने पूछा कि DCGI ने केवल 9% दवा कंपनियों का निरीक्षण क्यों किया और 36% कंपनियों के फेल होने के बावजूद उनकी बिक्री क्यों बंद नहीं की गई? सिंह ने आरोप लगाया कि 2023 में सज़ा समाप्त कर जुर्माना लाया गया और फार्मेसी कंपनियों से 945 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि “बीजेपी का कहना है कि नक़ली दावा बनाओ, लोगों को मारो और हमे चंदा दो।  उन्होंने सवाल किया कि मध्य प्रदेश में एक भी टेस्टिंग लैब क्यों नहीं है?
प्रधानमंत्री से SIT जांच की मांग
​सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की जानकारी देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की:
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (SIT) का गठन किया जाए, जो सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में काम करे।  सिंह ने कहा कि सरकारों में गंभीरता नजर नहीं आती और “इन सरकारों को किसी की भी चिंता नहीं है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button