दिल्ली ब्लास्ट के तार ‘मनी लांड्रिंग’ और ‘करोड़ों की ठगी’ से जुड़े

दिल्ली ब्लास्ट के तार ‘मनी लांड्रिंग’ और ‘करोड़ों की ठगी’ से जुड़े
अल फलाह चांसलर जवाद सिद्दीकी जांच के घेरे में
भोपाल, यशभारत। दिल्ली ब्लास्ट की जांच के क्रम में भोपाल पुलिस को एक बड़ा सुराग मिला है। उल फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके भाई हमूद सिद्दीकी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले सामने आए हैं। दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी से इनके लिंक सामने आने के बाद अब भोपाल पुलिस दोनों भाइयों के विस्तृत नेटवर्क और वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है।
निवेश के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी
जवाद और हमूद सिद्दीकी पर भोपाल के शाहजहानाबाद और तलैया थानों में करोड़ों रुपए की ठगी का केस दर्ज है। जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों भाइयों ने पुराने भोपाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में एक बड़ा नेटवर्क स्थापित किया था। दोनों आरोपी अपनी ही कम्युनिटी के लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें कम समय में पैसा डबल करने का लालच देते थे। लोगों से लाखों रुपए जमा होते ही, दोनों भाई भोपाल से फरार हो गए थे। ठगी के इस बड़े नेटवर्क का मास्टरमाइंड हमूद सिद्दीकी था।
दोनों भाइयों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
जवाद अहमद सिद्दीकी: वह इस समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक अलग मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार है।
हमूद सिद्दीकी: उसके खिलाफ शाहजहानाबाद थाने में 1999 में भी एक अलग धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। हमूद 5000 रुपये का इनामी भी था और महू (इंदौर) में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों में इंदौर पुलिस द्वारा पकड़ा जा चुका है।
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े लिंक
भोपाल पुलिस की जांच के दायरे में आने का मुख्य कारण दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. उमर उन नबी से दोनों भाइयों का कनेक्शन है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस ठगी के पैसे का इस्तेमाल किसी आतंकी गतिविधि या अवैध फंडिंग में तो नहीं किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई तेज
भोपाल पुलिस दोनों आरोपियों से जुड़े दस्तावेज और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड एकत्रित कर रही है। इसके साथ ही, ठगी के इस पूरे रैकेट में शामिल उनके एजेंटों और अन्य साथियों की तलाश भी जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देश पर की जाएगी।







