
नई दिल्ली,यशभारत। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने कानून को और सख्त बना दिया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 अब कानून बन गया है। नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक मामलों में दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
नए कानून के अनुसार प्रत्येक राज्य में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिनों के भीतर फैसला सुनाना अनिवार्य होगा। वहीं, जांच एजेंसियों को भी दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी।केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि संशोधित कानून का उद्देश्य पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को समाप्त करना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि अब मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया जाएगा, जिससे जांच अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सके।गौरतलब है कि वर्ष 2024 के कानून में 3 से 5 वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था। संशोधन के बाद सजा और जुर्माना दोनों कई गुना बढ़ा दिए गए हैं। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वालों पर कड़ा अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।






