भोपालमध्य प्रदेश

भोपाल में रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध

भोपाल में रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध

भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में नाबालिगों और युवाओं के बीच बढ़ते नशे के ट्रेंड को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। शहर में धड़ल्ले से बिक रहे रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पैकेट रोल की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन को लगातार सोशल मीडिया, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से शिकायतें मिल रही थीं कि इन उत्पादों की आसान उपलब्धता के कारण युवा वर्ग तेजी से चरस, गांजे और अन्य घातक मादक पदार्थों के सेवन की ओर आकर्षित हो रहा है। इसके साथ ही इन उत्पादों का भ्रामक प्रचार कर युवाओं को यह अहसास दिलाया जा रहा था कि इनसे धूम्रपान करना कम हानिकारक है, जो कि पूरी तरह गलत है।

पान ठेलों और किराना दुकानों पर नहीं मिलेंगे ये उत्पाद
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भोपाल नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी पान ठेलों, परचून व किराना दुकानों, चाय की दुकानों और अन्य ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर इन उत्पादों की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है जहाँ से नाबालिग इन्हें आसानी से खरीद सकते थे। प्रशासन का मानना है कि इन ठेलों और दुकानों पर उपलब्धता खत्म होने से युवाओं तक इसकी पहुंच पर लगाम लगेगी।

यह सख्त आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के तहत जनहित और समयाभाव को देखते हुए एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक, यह प्रतिबंध फिलहाल आगामी दो महीने तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति या व्यावसायिक संस्था इस आदेश में छूट या शिथिलता चाहती है, तो वह सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती है।

फेफड़ों के लिए काल हैं इनमें मौजूद जहरीले रसायन

प्रशासनिक आदेश में इन उत्पादों से स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। जांच में सामने आया है कि रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन को आकर्षक व सफेद बनाने के लिए क्लोरीन ब्लीच और हानिकारक केमिकल वाले गोंद का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा इनमें ट्राइएथिलीन ग्लाइकोल, पोटैशियम नाइट्रेट, डाइऑक्सिन डाई और कैल्शियम कार्बोनेट जैसे तत्व पाए जाते हैं। इन्हें जलाने पर डामर, बेंजीन और फॉर्मेल्डिहाइड जैसी कार्सिनोजेनिक कैंसर पैदा करने वाली गैसें निकलती हैं, जो फेफड़ों की कार्यप्रणाली को सीधे नष्ट कर क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बनती हैं। पैकेट रोल में मौजूद निकोटीन युवाओं को गंभीर मानसिक लत का शिकार बना रहा है।

नियम तोड़ा तो दर्ज होगी एफआईआर
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी दुकानदार या व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों की अवहेलना करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों से इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की है।

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