फ्लाईओवर में दरार का दावा भ्रामक, वीडियो फैलाने वालों पर एफआईआर की तैयारी

जबलपुर,यश भारत। दमोह नाका एक्सटेंशन फ्लाईओवर में दरार होने का दावा करने वाला सोशल मीडिया वीडियो पूरी तरह भ्रामक और निराधार पाया गया है। लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक-दो के कार्यपालन यंत्री शिवेंद्र सिंह ने बताया कि जिन व्यक्तियों द्वारा यह भ्रामक वीडियो प्रसारित किया गया, उनके खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार 3 फरवरी 2026 को सौरभ यादव, दिलीप विश्वकर्मा, जानू शर्मा और शोभित राजपूत द्वारा एक वीडियो वायरल कर फ्लाईओवर में दरार होने का दावा किया गया था। विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ कि वीडियो में दिखाई दे रहा हिस्सा दरार नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से निर्मित “एक्सपांशन ज्वाइंट” है, जो दो स्लैब के बीच कंक्रीट के फैलाव और संकुचन को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए बनाया जाता है।
कार्यपालन यंत्री ने कहा कि संबंधित लोगों ने अभियंताओं और ठेकेदार मेसर्स विजय कुमार मिश्रा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, रीवा से तथ्य जाने बिना वीडियो प्रसारित कर जनता में अनावश्यक भय फैलाया। विभाग ने फ्लाईओवर को पूरी तरह सुरक्षित बताया है और भविष्य में भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।






