मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस को किया नमन, सिटी बंगाली क्लब के शताब्दी वर्ष स्तंभ का किया लोकार्पण
डुमना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत

जबलपुर, यश भारत। जबलपुर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह–निकाह योजना सहित अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को शहर पहुंचे। आगमन पर डुमना एयरपोर्ट पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित भाजपा के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे सिद्धि बाला बस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रही।

सिटी बंगाली क्लब एवं सिद्धिबाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिटी बंगाली क्लब के शताब्दी वर्ष से जुड़े स्मृति स्तंभ का लोकार्पण करते हुए संस्था की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया।

समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस की राष्ट्रभक्ति और पराक्रम को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही शताब्दी स्तंभ का लोकार्पण कर सिटी बंगाली क्लब की सौ वर्षों की सांस्कृतिक और सामाजिक यात्रा को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर संस्था के संस्थापकों और पूर्वजों की स्मृति में निर्मित फोटो गैलरी का शुभारंभ किया गया तथा शताब्दी स्मारिका का विमोचन किया गया। पूर्व सांसद जयश्री बैनर्जी को शताब्दी सम्मान प्रदान कर उनके योगदान को सराहा गया। सभी अतिथियों का स्वागत पारंपरिक बंगला रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया।
एसोसिएशन के सचिव प्रकाश साहा सहित पदाधिकारियों ने बताया कि बसंत पंचमी एवं नेताजी की जयंती, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, के अवसर पर विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। प्रदर्शनी में वर्ष 1939 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जबलपुर आगमन से जुड़े पत्र और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।







