ग्रीन बिल्डिंग कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने गिनाईं व्यावहारिक दिक्कतें

ग्रीन बिल्डिंग कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने गिनाईं व्यावहारिक दिक्कतें
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा- अब हर एक रुपये का हिसाब रखेगा सिस्टम।
भोपाल, यश भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित ‘ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट’ कार्यशाला में इंजीनियरों के कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सीएम ने कहा कि इंजीनियर ज्ञान की साक्षात मूर्ति और भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं, जो अपनी कल्पना से सड़क और पुल जैसे निर्माणों को मूर्त रूप देते हैं। हालांकि, उन्होंने काम के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी बेबाकी से बात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा के साथ-साथ कई बाहरी दबाव भी होते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “जनता और पुलिस परेशान करती है, ठेकेदार मानते नहीं हैं और अभी इसमें जनप्रतिनिधियों की चुनौतियों को तो शामिल ही नहीं किया है।” उन्होंने सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की वकालत करते हुए कहा कि सरकारी व्यवस्था कभी-कभी इतनी कष्टकारी होती है कि सीधा रास्ता अपनाना आसान नहीं होता।
एमपी बनेगा ट्रेनिंग हब:
कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने विभाग के आधुनिक स्वरूप का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि विभाग अब आईआईटी मुंबई और एसपीए भोपाल जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू (MoU) कर रहा है। प्रदेश में ऐसा ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जाएगा, जहाँ देश भर के इंजीनियर प्रशिक्षण लेने आएंगे।







