चेकमेट ने दर्शकों को किया रोमांचित रवींद्र भवन में सस्पेंस, थ्रिल और माइंड गेम का शानदार मंचन

चेकमेट ने दर्शकों को किया रोमांचित , रवींद्र भवन में सस्पेंस, थ्रिल और माइंड गेम का शानदार मंचन
भोपाल यश भारत । हम थियेटर ग्रुप द्वारा आयोजित 22वें स्मरण हबीब रंग आलाप नाट्य महोत्सव के चौथे दिन रवींद्र भवन का माहौल रोमांच और रहस्य से भर उठा। भोपाल की रंग संस्था रंगायन ने मराठी लेखक योगेश सोमन के चर्चित नाटक केस नंबर 99 के हिंदी रूपांतरण चेकमेट का प्रभावशाली मंचन किया। निर्देशक प्रशांत खिरवड़कर की कसावट भरी प्रस्तुति ने दर्शकों को अंतिम दृश्य तक अपनी सीटों से बांधे रखा। नाटक की कहानी एक ऐसे बीमा फर्जीवाड़े के इर्द-गिर्द घूमती है जिसमें पति-पत्नी नचिकेत और नंदिनी एक सुनियोजित अपराध का नाटक रचते हैं। लेकिन इंस्पेक्टर सत्यशील के प्रवेश के साथ ही कहानी लगातार अप्रत्याशित मोड़ लेती जाती है। हर कुछ मिनट में बदलते घटनाक्रम ने दर्शकों को अनुमान लगाने का मौका नहीं दिया और क्लाइमेक्स तक उत्सुकता चरम पर बनी रही। अंतिम दृश्य के बाद सभागार तालियों से पहले कुछ क्षणों के लिए सन्नाटे में डूब गया। निर्देशक प्रशांत खिरवड़कर ने मूल रचना की आत्मा को बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक सस्पेंस थ्रिलर का रूप दिया। संवादों के जरिए शतरंज की बिसात जैसे आगे बढ़ती कहानी में हर सवाल शह और हर जवाब बचाव की तरह सामने आया। कलाकारों का सशक्त अभिनय प्रभावी प्रकाश व्यवस्था बैकग्राउंड स्कोर और सटीक मंच सज्जा ने प्रस्तुति को फिल्मी थ्रिलर जैसा प्रभाव प्रदान किया। विशेष रूप से इंस्पेक्टर सत्यशील और नंदिनी के बीच के दृश्य दर्शकों की उत्सुकता का केंद्र बने रहे। नाटक ने यह भी साबित किया कि हबीब तनवीर की रंग परंपरा को आगे बढ़ाने वाले इस महोत्सव में मनोरंजन और सामाजिक सरोकारों का संतुलन संभव है। बीमा फर्जीवाड़े और कानून की जटिलताओं को रोचक अंदाज में मंच पर उतारना रंगायन की बड़ी उपलब्धि रही।






