देर रात तक गूंजे जय अम्बे, जयकाली और भगवान श्री राम के जयकारे
भव्यता के साथ निकला संस्कारधानी का प्रमुख दशहरा चल समारोह

जबलपुर, यशभारत। संस्कारधानी में गुरूवार देर रात तक श्रद्धालु मां शक्ति की आराधना में झुमते रहे। जय अम्बे, जयकाली और भगवान श्री राम के जयघोष के बीच संस्कारधानी का मुख्य दशहरा चल समारोह में गुरुवार को परंपरागत तरीके से बैंडों की भक्ति से ओतप्रोत मधुर धुनों, ढोल धमाल पार्टियों की शानदार प्रस्तुतियों के बीच निकला। भगवान राम की सवारी के दर्शन करने और मातारानी को विदाई देने जनसैलाब चल समारोह मार्ग पर उतर आया। पैर रखने तक की जगह नहीं थी, इसके बावजूद लोग बढ़ते ही चले जा रहे थे। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में माता की मनोरम झांकियां देखने की ललक और उनकी विदाई देखने की ललक देखते ही बन रही थी।
मुख्य चल समोराह नगर निगम तीन पत्ती चौक से शुरू हुआ। परंपरा अनुसार श्री गोविंदगंज रामलीला समिति ने दशहरा चल समारोह की अगुवाई की। जनप्रतिनिधियों ने विधिवत श्रीराम चंद्र भगवान का पूजन कर शहर की मंगल कामना की प्रार्थना की। इसके बाद माता की प्रतिमाएं आगे बढ़ीं। जिनका नेतृत्व सुनरहाई की नगर सेठानी व नुनहाई की जेठानी मां ने किया। बुंदेलखंडी शैली की प्रतिमाओं की आभा देखते ही बन रही थी। माता के मनोहारी रूपों को देखने पहुंचे लोग मोबाइल पर उनकी फोटो, वीडियो बनाने के साथ ही सोशल मीडिया पर लाइव कर रहे थे। आधी रात तक लोग सडक़ों पर माता के जयकारे लगाते हुए उन्हें विदाई दे रहे थे। देर रात चल समारोह में शामिल हुईं गढ़ाफाटक वाली माता महाकाली के दर्शन को हजारों की भीड़ एकत्रित हो गई। वे अपने साथ भक्तों का पूरा मेला लेकर चल रहीं थीं।

मंच पर नाचे बब्बर शेर और गौरिल्ला, दुलदुुल घोड़ी
यशभारत के भव्य मंच पर जब बब्बर शेर और गौरिल्ला,दुलदुुल घोड़ी ने जब नूत्य किया तो सबकी निगाहें मंच पर टिक गईं लोग वीडियो बनाते रहे। इस दौरान बैंड और धमाल पार्टी के कप्तानों ने जब प्रस्तुति दी तो लोग थिरके उठे।

ये रहे मौजूद- डॉ. रश्मि शुक्ला, डॉ. सुधीर तिवारी, आशीष उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार आनंद मनोध्या, पं. लोकेश व्यास, नवनीत जैन, पीयूष श्रीवास्तव, राजेश द्विेदी, शैलेन्द्र गुप्ता।

विश्व प्रसिद्ध जबलपुर के दशहरा चल समारोह में जय जवान जय किसान जय विज्ञान जय अनुसंधान के उद्घोषों के साथ गोविंदगंज रामलीला समिति के मार्गदर्शन में फार्मर वेलफेयर एसोसिएशन एवं कृषि अभियांत्रिकी जबलपुर द्वारा एक अत्यंत आकर्षक झांकी निकाली गई जिसकी मुख्य थीम थी विश्व प्रसिद्ध जबलपुरी हरा मटर एवं धान की पराली ना जलाकर उससे वाहनो के लिए ष्टक्चत्र कंप्रेस्ड बायोगैस बनाने का आह्वान किया गया भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसान भाइयों से अपील की गई है कि अन्नदाता अब ऊर्जा दाता भी बने उसी थीम पर आधारित यह झांकी थी इसका मुख्य नारा था विजन फॉर विकसित भारत, शोध से बोध अभियान और परली के लिए क्यों जलाएं चलो कमाऐ भारत को समृद्ध बनाएं समारोह में उपस्थित श्रद्धालु जन *मेरे मटर की खेती गाने पर मंत्र मुक्त हो गए इस गाने ने पूरे दशहरा चल समारोह में मेरे मटर की खेती गाने की मधुर धुन वा संगीत पर पर खूब झूम नाचे गाऐ आयोजक डॉ बृजेश दत्त अरजरिया, बोर्ड मेंबर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, डॉ योगेश मोहन दुबे, डॉ आर एम पटेल, डॉ शेखरसिंह बघेल, इंजी एन.ऐल मेहरा, अनु यादव, आर परोहा, राघवेंद्र गोटिया, हार्वेस शर्मा। चल समारोह में श्री गोविंदगंज रामलीला समिति की धार्मिक झांकियों ने लोगो को अपनी ओर आकर्षित किया इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर की झांकी भी शामिल रही। इस बार आदि योगी भगवान शिव के समक्ष अघोरी चांडाल, सुरसा के मुख पर जाते हनुमानजी, भगवान सूर्य, लक्ष्मी नारायण, शिव पूजन, राम रावण युद्ध की झांकी को देखने के सड़को पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।

रथ का पहिया टूटने के कारण देर से शुरू हुआ चल समारोह
नगर का ऐतिहासिक चल समारोह इस बार लगभग दो घंटे देरी से शुरू हुआ। प्रतिवर्ष यह शोभायात्रा शाम 7 से 8 बजे के बीच प्रारंभ हो जाती है, लेकिन इस बार भगवान श्रीराम के रथ का पहिया टूट जाने से विलंब हुआ। बताया गया कि जब भगवान श्रीराम रथ पर सवार होकर चल समारोह की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक रथ का एक पहिया टूट गया। तत्काल मरम्मत का प्रयास किया गया, किंतु रथ सही नहीं हो सका। इसके बाद वैकल्पिक रथ की व्यवस्था की गई, लेकिन अन्य रथ आगे निकल चुके थे और ट्रैफिक जाम के कारण नया रथ पहुंचने में विलंब हुआ। इसी बीच शाम 7 बजे तक बारिश का दौर भी चलता रहा, जिससे तैयारियों में बाधा आई। इन सभी कारणों से शोभायात्रा अपने निर्धारित समय से काफी देर बाद प्रारंभ हो सकी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने योग्य रहा और नगरवासी बड़ी संख्या में चल समारोह में शामिल हुए।









