CBSE गणित परीक्षा में असंतुलन की शिकायत:
बेसिक पेपर अपेक्षा से कठिन, स्टैंडर्ड रहा आसान

सीबीएसई गणित परीक्षा में अनुपालन की याचिका:
बिजनेस क्लास पेपर से कठिन, मानक रहा आसान
कटनी, यशभारत। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एजुकेशन एजुकेशन कक्षा 10 की गणित परीक्षा लेकर छात्रों के बीच निराशा देखने को मिलती है। कई परीक्षणों से प्राप्त गणितीय अध्ययन में गणित का प्रश्नपत्र की क्षमता से अधिक कठिन होना बताया गया है, जबकि मानक प्रश्नपत्र के तुलनात्मक रूप से आसान बताया गया है।
परीक्षा के बाद छात्रों और निवेशकों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। फ़्रैंचाइज़ी अर्थशास्त्री वाले छात्रों का कहना है कि प्रश्नपत्र में कुछ प्रश्नोत्तरी पाठ्यक्रम के बावजूद जटिल भाषा और लंबे समय तक समाधान वाले थे, जिससे समय प्रबंधन प्रभावित हुआ। कई छात्रों ने कहा था कि वे उत्पाद का विषय इसलिए चुनते थे ताकि उन्हें अपेक्षाकृत सरल प्रश्न मिलें, लेकिन इस बार पेपर ने उम्मीदों के विपरीत चुनौती पेश की।
वहीं मानक गणित के छात्रों का अनुभव अलग रहा। अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र को स्लोवेनिया और सीधे कॉन्सेप्ट पर आधारित बताया। प्लांट का भी मत है कि मानक पत्रों में पूछे गए प्रश्न अभ्यास अभ्यास और नमूने प्रश्नपत्रों के नमूने थे।
शिक्षा विशेषज्ञ का मानना है कि यदि किसी पत्र का अंतिम स्तर सामान्य से अधिक होता है तो बोर्ड की मॉडरेशन नीति के तहत आकलन में संतुलन स्थापित किया जाता है। बोर्ड की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
डेमोस्ट्रेशन ने मांग की है कि भविष्य में दोनों प्रश्नपत्रों के मजबूत स्तर में स्पष्ट संतुलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि छात्रों में भ्रम और पतन की स्थिति न बने।
छात्र-छात्राओं की सहभागिता आगामी परीक्षाओं और नतीजों पर टिकी है, जहां मूल्यांकन प्रक्रिया से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।







