भोपाल

भोपाल के आगे फोरलेन पर मवेशियों का कब्ज़ा  – आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, लोग हो रहे घायल 

भोपाल के आगे फोरलेन पर मवेशियों का कब्ज़ा 
– आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, लोग हो रहे घायल 

भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल से बाहर निकलते ही फोरलेन सडक़ पर इन दिनों मवेशियों का कब्ज़ा आम दृश्य बन गया है। हाईवे जैसी चौड़ी सडक़ पर दिन-रात खड़े या बैठे मवेशी न केवल यातायात में बाधा डाल रहे हैं, बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक से मवेशियों का सडक़ पर आ जाना कई बार जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ रही है। फोरलेन पर सफर करने वाले यात्रियों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है। खासकर रात के समय जब रोशनी कम होती है, तब सडक़ पर बैठे या घूमते मवेशी दिखना मुश्किल हो जाते हैं और अचानक सामने आ जाने से वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं। इससे गंभीर हादसे घटित हो रहे हैं। कई बार छोटे वाहन और दोपहिया सवार सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

युवकों की बाइक मवेशी से टकराई हुए घायल 

करीब एक सप्ताह पहले ही इस मार्ग पर दो युवकों की बाइक मवेशी से टकरा गई थी। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं। इससे पहले भी कई बार कार और ट्रक जैसे बड़े वाहन भी इनसे टकरा चुके हैं, जिससे न केवल यात्रियों की जान पर संकट आया, बल्कि वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।

प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान 

लोगों का आरोप है कि प्रशासन और नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। फोरलेन पर लगातार गश्त करने और मवेशियों को पकडक़र गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था होने के बावजूद ज़मीन पर इसका असर दिखाई नहीं देता। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मवेशी फोरलेन तक पहुंच जाते हैं और वहां घंटों बैठे रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी भी केवल शहर तक ही सीमित है, जबकि फोरलेन के बाहरी हिस्सों पर कोई निगरानी नहीं होती।

ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं 

स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। यात्रियों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए निगम और प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा। गौशालाओं की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए, ताकि पकड़े गए मवेशियों को वहां सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा, फोरलेन पर पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग और फेंसिंग जैसे उपाय भी किए जाने चाहिए।

नहीं हो रही ठोस कार्रवाई 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल यातायात समस्या ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का भी गंभीर मुद्दा है। जिस तरह सडक़ दुर्घटनाओं में इंसानी जानें जा रही हैं, उससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।

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