
मुंबई के मालाड में मासूम से दरिंदगी,चपरासी की हैवानियत
मुंबई, यश भारत । मालाड स्थित एक निजी स्कूल में पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ स्कूल के चपरासी द्वारा यौन उत्पीड़न का बेहद गंभीर मामला सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी चपरासी ने स्कूल परिसर के भीतर ही इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने बच्ची को डराने-धमकाने के लिए उसे जान से मारने की धमकी दी थी, ताकि वह किसी को कुछ न बता सके। हालांकि, बच्ची की शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखकर जब परिजनों को संदेह हुआ, तब इस पूरी घटना का खुलासा हुआ।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात स्कूल प्रबंधन का रवैया रहा। आरोप है कि जब यह मामला स्कूल के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो उन्होंने पुलिस को सूचित करने या आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने और दबाने की कोशिश की। इसी गंभीर लापरवाही और अपराध को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस ने स्कूल के सीईओ के खिलाफ भी प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।
पुलिस ने आरोपी चपरासी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पॉक्सो कानून के तहत इस तरह के अपराधों में कठोर कारावास और आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। साथ ही, स्कूल के सीईओ पर भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है जो सबूत मिटाने या अपराध की सूचना न देने से संबंधित हैं।
इस घटना के बाद मालाड इलाके के अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्कूल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है क्योंकि स्थानीय लोग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन अब स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या पूर्व में भी इस तरह की कोई शिकायत आई थी जिसे नजरअंदाज किया गया।







