लहूलुहान सड़कें, बुझती सांसें: बेलगाम रफ्तार ने दो दिनों में छीनी 12 जिंदगियां, जबलपुर शहर से गांव तक पसरा मातम

जबलपुर। जिले की सड़कों पर मौत बेलगाम दौड़ रही है। तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने महज दो दिनों में 12 परिवारों की खुशियां छीन लीं। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक हर ओर सायरन, आहें और सन्नाटा है। सोमवार को एक और युवक की दर्दनाक मौत ने इस भयावह सिलसिले को और गहरा कर दिया।
बरेला में इंसानियत कुचली गई
रविवार दोपहर बरेला क्षेत्र में तेज रफ्तार सफेद कार ने सड़क किनारे बैठे 13 मजदूरों को बेरहमी से कुचल दिया। पांच मजदूर मौके पर ही दम तोड़ गए, कई गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर के बाद चालक कार लेकर फरार हो गया। इस एक हादसे ने न सिर्फ जिंदगियां छीनीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता भी उजागर कर दी।
शहर और गांव—हर तरफ मौत की दस्तक
शनिवार और रविवार को अलग-अलग हादसों में चार युवकों की जान चली गई, जबकि सात लोग घायल हुए। कहीं एनएच पर रफ्तार कहर बनी, तो कहीं शहर की सड़कें ही जानलेवा साबित हुईं।
सिहोरा: एनएच-30 पर टूटा कहर
उल्दना ब्रिज के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बोर्ड से टकराई। सलमान अली (25) की मौके पर ही मौत हो गई। हैदराबाद से लौटते युवकों की यात्रा मौत पर खत्म हुई।
रांझी: टैंकर के नीचे कुचली उम्मीदें
इंजीनियरिंग कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल के सामने टैंकर ने स्कूटी सवार अखिलेश उर्फ रिंक चौरसिया (45) को कुचल दिया। चालक युवक को काफी दूर तक घसीटते ले गया—देखते ही देखते एक परिवार उजड़ गया।
माढ़ोताल: बस की टक्कर, मातम की कतार
सूरतलाई पड़वार मोड़ पर बेकाबू बस ने पहले बाइक सवार अनिकेत चढ़ार (35) को रौंदा, फिर ऑटो से टकराई। ऑटो पलटने से पांच लोग घायल हुए, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
कुंडम और पनागर भी अछूते नहीं
कुंडम में बलराम झारिया (20) की जान गई, जबकि पनागर में दो बाइकों की भिड़ंत में दो लोग घायल हुए।
कड़वा सवाल—कब थमेगी यह रफ्तार?
जब सड़कों पर रफ्तार का कोई अंकुश नहीं, निगरानी ढीली है और नियम कागजों में कैद हैं—तो मौतें कैसे रुकेंगी? हर हादसा एक चेतावनी है। अब सिर्फ शोक नहीं, सख्त प्रवर्तन, जवाबदेही और सड़क सुरक्षा की ठोस कार्रवाई चाहिए—ताकि अगला सायरन किसी और घर का सन्नाटा न बने।
वाहन की पहचान, आरोपी अब भी फरार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे में शामिल रेनाल्ट कार क्रमांक एमपी 20 एसबी 1460 सिहोरा निवासी दीपक सोनी के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपी चालक की तलाश जारी है।








