इबादत और अकीदत के साये में भोपाल: शब-ए-क़द्र पर मस्जिदों में उमड़ा जनसैलाब

इबादत और अकीदत के साये में भोपाल: शब-ए-क़द्र पर मस्जिदों में उमड़ा जनसैलाब
भोपाल, यशभारत। राजधानी में शब-ए-क़द्र की मुक़द्दस रात पूरी अकीदत और रूहानियत के साथ मनाई गई। शहर की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदें रोशनी से जगमगा उठीं और देर रात तक दुआओं व इबादत का दौर जारी रहा। पुराने शहर के बुधवारा स्थित कुलसुम बी की मस्जिद में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ मस्जिद के अंदर और बाहर बयान सुनने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
तक़दीर की रात और अमन की दुआ
ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस रात की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि शब-ए-क़द्र इंसान की तक़दीर बदलने वाली मुक़द्दस रात है। मस्जिदों में विशेष नमाज़, कुरान की तिलावत और सलातुल तस्बीह का अहतिमाम किया गया। हाथ उठाकर बारगाह-ए-इलाही में शहर, प्रदेश और मुल्क में अमन-चैन, सुकून और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं।
कब्रिस्तानों में उमड़ी भीड़
इबादत के साथ-साथ अपनों की याद में लोग शहर के प्रमुख कब्रिस्तानों में भी बड़ी संख्या में पहुंचे। यहाँ अकीदतमंदों ने अपने मरहूमों की मगफिरत के लिए फातिहा पढ़ी और शमा रोशन की। प्रशासन और वॉलिंटियर्स की मुस्तैदी के कारण हर तरफ अनुशासन देखने को मिला।
युवाओं को दी गई खास हिदायत
इस मुबारक मौके पर समाज के बुजुर्गों और कमेटी के ज़िम्मेदारों ने युवाओं से एक विशेष अपील की। शमशुल हसन ने ज़ोर देकर कहा कि युवा इस रात की पाकीज़गी का एहतराम करें और सड़कों पर तेज़ रफ़्तार गाड़ियाँ दौड़ाने या बेवजह घूमने के बजाय अपना वक्त इबादत और दुआओं में गुज़ारें। शहर भर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और पूरी रात भाईचारे व सुकून के माहौल में इबादत का सिलसिला फज्र की नमाज़ तक चलता रहा।






