भोपालमध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के निगम-मंडलों में नियुक्तियां शुरू, पहली बाजी पवैया के नाम

मध्य प्रदेश के निगम-मंडलों में नियुक्तियां शुरू, पहली बाजी पवैया के नाम

भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में निगम, मंडल और आयोगों में नियुक्तियों का बहुप्रतीक्षित सिलसिला शुरू हो गया है। लंबे समय से पॉलिटिकल एडजस्टमेंट की आस लगाए बैठे भाजपा के दिग्गज नेताओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। सरकार ने पहली बड़ी राजनीतिक नियुक्ति के तौर पर वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को छठवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
अनुभवी टीम को कमान पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से यह पद चर्चा में था। पवैया की नियुक्ति के साथ ही सरकार ने आयोग की टीम भी तय कर दी है। पूर्व आईएएस के.के. सिंह को आयोग का सदस्य बनाया गया है, जबकि विधानसभा के पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। वित्त विभाग ने इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी है।
क्या होगा आयोग का मुख्य कार्य? राज्य वित्त आयोग आगामी पांच वर्षों (1 अप्रैल से प्रभावी) के लिए पंचायतों और नगरीय निकायों के वित्तीय सशक्तिकरण पर काम करेगा। आयोग का मुख्य कार्य राज्य द्वारा संग्रहित करों और शुल्कों का निकायों के बीच बंटवारा तय करना और सहायता अनुदान की राशि निर्धारित करना है। आयोग को 31 अक्टूबर तक अपनी सिफारिशें राज्यपाल को सौंपनी होंगी।

इन आयोगों में भी जल्द खत्म होगा ‘सूखा’ वित्त आयोग में नियुक्ति के बाद अब अन्य मलाईदार पदों और आयोगों में हलचल तेज हो गई है। वर्तमान में निम्नलिखित आयोगों में अध्यक्ष व सदस्यों के पद रिक्त हैं:
राज्य महिला आयोग: कानूनी विवादों और अध्यक्ष न होने से हजारों मामले लंबित हैं।
SC/ST एवं पिछड़ा वर्ग आयोग: नियुक्तियां न होने से नीतिगत फैसले रुके हुए हैं।
अल्पसंख्यक आयोग: यहाँ भी नए चेहरे का इंतजार है।

दावेदारों की लंबी फेहरिस्त: मिशन 2028 पर नजर भाजपा नेतृत्व इन नियुक्तियों के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव 2028 के समीकरण साधने की तैयारी में है। विशेषकर उन वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को तवज्जो दी जा सकती है जिन्हें मोहन कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी।

रेस में शामिल प्रमुख नाम: राजनीतिक गलियारों में गोपाल भार्गव, अजय विश्नोई, मालिनी गौड़, अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठों के अलावा कांग्रेस से भाजपा में आए रामनिवास रावत, इमरती देवी, मुन्नालाल गोयल और बृजेंद्र सिंह यादव जैसे नेताओं के नामों की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी के भीतर पनप रहे असंतोष को भी शांत किया जाएगा।

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