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सबको दिलों  में जिंदा रहेगा अंकितः पिता ने अंगदान करने का लिया निर्णय, 6 लोगों को मिलेगा नया जीवन

जबलपुर, यशभारत। अंकित का अर्थ विजय प्राप्त करना, चिहिन्त या फिर लिखा हुआ। इस नाम की चर्चा आज और अनुकरणीय हो रही है क्योंकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक मिश्रा ने अपने बेटे अंकित मिश्रा के देहांत होने पर अंगदान करने का फैसला किया है। एक पिता के साहसिक निर्णय के बाद समाज को एक नया संदेश जाएगा और ऐसे लोगों को नया जीवन मिलेगा जिनके शरीर के अंग किसी न किसी वजह से खराब हो गए हैं। पुत्र की मौत पर पिता आलोक मिश्रा को जितना दुख है इसका आभास सिर्फ उन्हीें को है परंतु उन्हें एक संतोष भी है कि बेटा अंकित जो संकल्प लेकर मानव सेवा करता आ रहा था उसकी मौत के बाद भी यह सेवा निरंतर जारी है।
मालूम हो कि छत से गिरने के कारण अंकित को सिर में गंभीर चोट आई है। होली के दिन 25 मार्च की रात 12 बजे यह हादसा उनके कटंगा स्थित आवास पर हुआ। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अंकित को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उन्हें देखने शहर के कई जनप्रतिनिधि और मिलने वाले पहुंचे। चिकित्सकों ने हालात नाजुक बताई तो फौरन एयर एंबुलेंस के जरिए अंकित को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परंतु इलाज के दौरान अंकित ने दम तोड़ दिया।

बेटे की मौत पर पिता का अंगदान का बड़ा निर्णय
बेटे की मौत के बाद पिता आलोक मिश्रा पूरी तरह से टूट गए परंतु अंकित ने मानव सेवा का जो संकल्प लिया था उसे पूरा करने के लिए पिता आलोक ने निर्णय लिया और अंकित के शरीर का अंगदान कर दिया। ऐसे समय पर अंगदान करने का निर्णय जब पिता द्वारा लिया गया तो मेदांता अस्पताल में मौजूद स्टाफ और अन्य लोगों ने उन्हें सात्वांना देते हुए भरे गले से बेटे का अंतिम विदाई दी।

पिता से जो सीखा उसे अंकित ने आत्मसात किया
दरअसल वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा के पुत्र अंकित मिश्रा अपने पिता के पदचिन्हों पर चले कम उम्र में राजनीति से जुड़े और लोगों की सेवा में जुट गए हैं। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि अंकित ने कोरोना जैसी महामारी में बगैर प्रचार-प्रसार किए जरूरतमंदों की मदद की, दवा से लेकर अस्पतालों में भर्ती कराके उनका इलाज कराना अंकित ने अपना धर्म समझ लिया। अंकित यही नहीं रूके उन्होंने ऐसे बच्चों की पढ़ाई का वीणा भी उठाया जो गरीबी की दल-दल में फंसे हुए थे। ऐसे बच्चों की पढ़ाई से लेकर अन्य खर्च अंकित ने ही उठाया।

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Yash Bharat

Editor With मीडिया के क्षेत्र में करीब 5 साल का अनुभव प्राप्त है। Yash Bharat न्यूज पेपर से करियर की शुरुआत की, जहां 1 साल कंटेंट राइटिंग और पेज डिजाइनिंग पर काम किया। यहां बिजनेस, ऑटो, नेशनल और इंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रहे हैं।

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