देशमध्य प्रदेश

अनुशासन को लेकर अमित शाह की दो टूक, मास्टर प्लान पर जताई नाराजगी 30 दिन में होगा जारी

विधानसभा की तकरार पहुँची दिल्ली

भोपाल,यश भारत। मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान मास्टर प्लान का मुद्दा सरकार के लिए सबसे संवेदनशील विषय बनकर सामने आया। विपक्ष के तीखे हमलों के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दोटूक जवाब दिया, लेकिन सत्ता पक्ष के भीतर सामंजस्य की कमी साफ झलकती रही। कई मंत्रियों के अलग-अलग रुख और आपसी विवाद सदन में खुलकर सामने आए, जिससे सरकार असहज स्थिति में नजर आई।

सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी चर्चा के लिए बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार शाह ने सरकार के भीतर समन्वय की कमी और सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे मतभेदों पर नाराजगी जताई।

बैठक में मास्टर प्लान को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इसे प्राथमिकता के आधार पर 30 दिन के भीतर लागू किया जाए। केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि इस मुद्दे पर अनावश्यक देरी से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है।

वरिष्ठ मंत्रियों की गैरहाजिरी पर सख्ती

सूत्रों के मुताबिक विधानसभा सत्र के दौरान कुछ वरिष्ठ मंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर भी अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाया। एक वरिष्ठ मंत्री को अलग से बुलाकर चर्चा की गई। स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि सदन में गैरहाजिरी और आपसी असंतोष को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाए।

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