अमेरिका की जांच टीम ग्वालियर पहुंची ग्वालियर के 7 ठग-यूएस के लोगों से फोन पर बात कर उड़ा देते थे डाॅलर

ग्वालियर। आपने ठगी के कई मामले पढ़े और टीवी में देखेंगे होंगे परंतु आज जिस ठगी मामले की जानकारी दी जा रही है वह बहुत ही रौचक है। दरअसल ग्वालियर के 7 ठगों ने अपने देश में नहीं अमेरिका के लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। माइक्रो सॉफ्टवेयर कंपनी के कर्मचारी ये ठग अमेरिका के लोगों से बात करते थे और कुछ ही पल में उनके खातों से डाॅलर उड़ा देते थे। इस पूरे मामले में अमेरिका की जांच एजेंसी ग्वालियर पहंुची जहां टीम स्थानीय पुलिस से पूरे मामले की जानकारी लेकर ठगों से पूछताछ कर सकती है।
दुबई में बैठकर ठगी का व्यापार
पुलिस गिरप्त में आए 7 ठगों का कहना है कि अमेरिका के लोगों को ठगने का कारोबार दुबई से आॅपरेट हो रहा है। वहां सरगना मोंटी सिकरवार द्वारा अमेरिका के लोगों का नंबर मुहैया कराता था जिसके बाद फोन लगाकर कम्प्यूटर में वायरस या फिर अन्य समस्याओं का हवाला देकर लोगों को पहले आॅफर देते थे फिर उनके खातों से पैसा उड़ा देते थे। अमेरिकी लोगों के खातों से कटने वाला पैसा दुबई में बैठे सरगना मोंटी के खातों में जाता था इसके बाद उन्हें कमीशन मिलता था।
एक काॅल पर 5 प्रतिशत कमीशन
बताया जा रहा है कि यूएस के लोगों को एक फोन करने पर 5 प्रतिशत कमीशन ठगों को मिलता था। उनके जाल में एक बार फंसने वाले व्यक्ति कम से कम 1500 डाॅलर तो अपने खातों से कटवा लेता था। पुलिस को जानकारी लगी उसमें दुबई में बैठे सरगना मोंटी का सबसे खास करण यहां पर गैंग को आॅपरेट कर रहा था। करण को धंधे के सारे राज पता है। गैंग विदेशियों से ठगा पैसा इंडियन करेंसी में बदलते थे। उनके पास करीब 5 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर मिले हैं। जालसाजों ने अमरीका में नेटवर्क कैसे बनाया पता लगाने के लिए एबेसी के जरिए अमरीका की होम लैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट से संपर्क किया। जिसे लेकर होम लैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट एजेंसी की टीम आज ग्वालियर पहुंची जहां उन्होंने ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव से बातचीत की और आरोपियों की जानकारी ली इसके साथ ही जांच टीम पुलिस के साथ मिलकर और आरोपियो से भी पूछताछ करेगी।







