बेंगलूरु-नवी मुंबई के बाद अब दिल्ली फ्लाइट कम होने से बड़ी चिंता
हवाई कनेक्टिविटी छीनने की साजिश?

जबलपुर, यशभारत। जबलपुर से देश के प्रमुख महानगरों की हवाई कनेक्टिविटी लगातार कमजोर किए जाने के खिलाफ शहर में अब तीखा विरोध शुरू हो गया है। पहले बेंगलूरु और नवी मुंबई की नियमित उड़ानों में कटौती की गई और अब दिल्ली की एक उड़ान कम किए जाने के फैसले ने लोगों का आक्रोश बढ़ा दिया है। व्यापारियों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों और आम नागरिकों ने इसे महाकौशल क्षेत्र के विकास पर सीधा प्रहार बताते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शहरवासियों का कहना है कि जबलपुर मध्यप्रदेश का प्रमुख संभागीय मुख्यालय होने के साथ-साथ महाकौशल की आर्थिक, प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक और पर्यटन गतिविधियों का बड़ा केंद्र है। इसके बावजूद यहां की हवाई सेवाओं में लगातार कटौती की जा रही है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि एक ओर केंद्र सरकार क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर की उड़ानें कम कर दी जा रही हैं। इससे व्यापार, उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा और पर्यटन सभी क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दिल्ली की उड़ान बहाल नहीं की गई और बेंगलूरु व नवी मुंबई की सेवाएं पूर्ववत नहीं की गईं तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। नागरिकों ने कहा कि जबलपुर से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरु यात्रा करते हैं, ऐसे में उड़ानों में कटौती पूरी तरह अव्यावहारिक और जनहित के खिलाफ है।
शहर के विभिन्न संगठनों ने नागरिक उड्डयन मंत्री को ज्ञापन भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर खुलकर आवाज उठाने की अपील की गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो महाकौशल की जनता इसे अपने अधिकारों की अनदेखी मानेगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी।
संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा
इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को जबलपुर संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर से वायु सेवाओं के विस्तार और उन्हें अधिक सुदृढ़ बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने स्पष्ट कहा कि जबलपुर जैसे प्रमुख संभागीय मुख्यालय की उड़ानें बढ़ाने के बजाय लगातार कम करना क्षेत्र के विकास पर सीधा प्रहार है।
संघर्ष समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने बताया कि बैठक में जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु के लिए प्रतिदिन नियमित विमान सेवा शुरू किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। उनका कहना था कि इन दोनों महानगरों के लिए दैनिक उड़ानें संचालित होने से व्यापार, उद्योग, निवेश, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा महाकौशल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी।








