जबलपुरमध्य प्रदेश

घमापुर दुष्कर्म मामले में आया नया मोड़,रसूख के साये में डरी ‘आबरू’: पीड़िता ने सुरक्षा की लगाई गुहार, दबाव और धमकियों के आरोप

जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म का मामला अब एक नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पीड़िता का कहना है कि न्याय की मांग करने के बाद से ही उसके सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

दबाव और धमकियों के आरोप:

पीड़िता के अनुसार, उस पर लगातार केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उसने आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों के जरिए उसे और उसके परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। पीड़िता का कहना है कि उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

प्रभावशाली लोगों पर संदेह:

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के पूर्व पदाधिकारी द्वारा अपने प्रभाव का उपयोग कर मामले को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उसके अनुसार, इस दबाव के चलते जांच को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी बनी हुई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां

पीड़िता ने बताया कि उसके निवास के आसपास संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे परिवार दहशत में है। उसने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने और निष्पक्ष वातावरण में जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

महिला कांग्रेस का प्रदर्शन:

मामले को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पीड़िता के समर्थन में एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि पीड़िता को सुरक्षा दी जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने दिया कार्रवाई का भरोसा:

वहीं, पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पीड़िता की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जांच पर टिकी नजरें:

फिलहाल, मामला पुलिस जांच के दायरे में है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।

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